Revision summary
नगरीकरण लोगों का बढ़ता शहरी अंश तथा शहरी काम और रूप है। तेज वृद्धि आवास, जल, सीवर और औपचारिक नौकरियों से आगे निकलती है। झुग्गी, जाम, प्रदूषण और ऊष्मा द्वीप पीछे आते हैं। प्रवासी अनौपचारिक काम और कमजोर सुरक्षा झेलते हैं। मजबूत नगरपालिका बिना जनगणना नगर नियोजन अंतर हैं।
Model answer
Introduction
नगरीकरण नगरों और शहरों में रहने वालों का बढ़ता अंश है, तथा शहरी काम, निर्मित रूप और जीवनशैली का देहात में फैलना। जब गति नियोजन से आगे निकल जाए, वही प्रक्रिया जो रोजगार बनाती है झुग्गी, जाम और पारिस्थितिक भार भी बनाती है।
Body
परिभाषा
- जनसांख्यिकीय रूप से नगरीकरण जनसंख्या के शहरी प्रतिशत की वृद्धि है (भारत की जनगणना: वैधानिक नगर, जनगणना नगर और नगरीय संकुल)।
- कार्यात्मक रूप से यह कृषि आजीविका से विनिर्माण और सेवाओं, सघन आवास और नगरपालिका शासन की ओर संक्रमण है, भले जनगणना नगर अभी अर्ध-ग्रामीण दिखे।
- तेज-गति नगरीकरण मतलब नगर जल, सीवर, आवास और नौकरियों की औपचारिक आपूर्ति से तेज बढ़े।
तीव्र शहरी वृद्धि की समस्याएँ
- आवास कमी और अनौपचारिक झुग्गियाँ (धारावी, कानपुर के भाग, लखनऊ की अनधिकृत कॉलोनियाँ) लाखों को पट्टा, शौचालय या तूफानी नाले बिना छोड़ती हैं।
- जल, मल, ठोस कचरा और बिजली पीछे रहती है; गंगा और यमुना में अशोधित मल उपचार संयंत्र बिना गति का नागरिक चेहरा है।
- यातायात जाम, पीएम2.5 उछाल, शहरी ऊष्मा द्वीप और आर्द्रभूमि हानि (पूर्वी कोलकाता, लखनऊ गोमती बाढ़ मैदान) अनियोजित फैलाव की पर्यावरण लागत हैं।
- अनौपचारिक काम, बाल श्रम और कमजोर सामाजिक सुरक्षा ग्रामीण प्रवासियों के साथ चलते हैं; महिलाएँ सघन वार्डों में असुरक्षित सार्वजनिक स्थान और अवैतनिक देखभाल भार झेलती हैं।
- अपराध, मिश्रित चालों में सांप्रदायिक चिंगारी, और गरीब का उपांत-शहरी किनारे ‘बहिष्कारी नगरीकरण’ तब आता है जब वृद्धि बाजार-चालित हो।
- मास्टर प्लान, अमृत, पीएमएवाई-शहरी और स्मार्ट सिटी पकड़ने की कोशिश करते हैं, किंतु नगरपालिका बिना जनगणना नगर अधिसूचना शासन अंतर छोड़ती है, उत्तर प्रदेश के छोटे नगरों में तीखा।
Flow diagram
flowchart TD U[तेज नगरीकरण] --> H[झुग्गी आवास अंतर] U --> S[जल सीवर कचरा पिछड़ाव] U --> E[वायु ऊष्मा आर्द्रभूमि हानि] U --> G[शासन जनगणना नगर अंतर]
Conclusion
नगरीकरण नगर जीवन का जनसांख्यिकीय और कार्यात्मक उदय है। आवास, उपयोगिताओं और स्थानीय सरकार के मेल बिना उसकी तेज गति झुग्गी, प्रदूषण, जाम और सामाजिक तनाव पैदा करती है, स्वतः विकास नहीं।
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क्या नगरीकरण स्वयं समस्या है?
नहीं। नगर रोजगार और सेवाएँ केंद्रित करते हैं। समस्या आवास, उपयोगिताओं और जवाबदेह स्थानीय सरकार बिना गति है।
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इस उत्तर में जनगणना नगर क्यों मायने रखते हैं?
वे कागज और जमीन पर नगरीकृत होते हैं बिना नगर कर्मचारी या सीवर के, जो तेज नगरीकरण नागरिक सुविधाएँ कैसे छोड़ता है।
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