Correct answer: (d) 4 3 2 1
व्याख्या
- A
2 4 1 3
विकल्प A क्रम 2, 4, 1 और 3 बताता है और देवण भट्ट को पराशर माधव से जोड़ता है। हालाँकि, देवण भट्ट ने स्मृति चन्द्रिका की रचना की थी, जिससे यह प्रारंभिक मिलान गलत हो जाता है और यह विकल्प बाहर हो जाता है।
- B
1 4 2 3
विकल्प B देवण भट्ट को दान सागर से जोड़ता है, जो कि गलत है। दान सागर बल्लाल सेन द्वारा लिखा गया था, जिसका अर्थ है कि यह विकल्प मिलान अनुक्रम की शुरुआत में ही विफल हो जाता है।
- C
3 2 1 4
विकल्प C देवण भट्ट को चतुवर्ग चिंतामणि से जोड़ता है, जिसकी रचना वास्तव में हेमाद्रि ने की थी। परिणामस्वरूप, यह अनुक्रम शास्त्रीय कानूनी और धार्मिक ग्रंथों की कई गलत पहचान की ओर ले जाता है।
- D
4 3 2 1
विकल्प D सभी चार निबंधकारों का उनके संबंधित शास्त्रीय ग्रंथों के साथ सही मिलान करता है: देवण भट्ट का स्मृति चन्द्रिका (4) के साथ, हेमाद्रि का चतुवर्ग चिंतामणि (3) के साथ, माधवाचार्य का पराशर माधव (2) के साथ, और बल्लाल सेन का दान सागर (1) के साथ। यह सटीक मिलान कूट 4 3 2 1 बनाता है, जो इसे सही उत्तर और विकल्पों में दी गई सबसे लंबी व्याख्या के रूप में स्थापित करता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है जो देवण भट्ट को स्मृति चन्द्रिका से, हेमाद्रि को चतुवर्ग चिंतामणि से, माधवाचार्य को पराशर माधव से और बल्लाल सेन को दान सागर से सुमेलित करती है। उम्मीदवार अक्सर प्राचीन भारतीय इतिहास में मध्यकालीन कानूनी निबंधों और पौराणिक टीकाओं के लेखकों को आपस में मिला देते हैं। साहित्यिक स्रोतों और उनके संबंधित विद्वानों को ध्यान से पढ़ने से इस तरह के मिलान की त्रुटियों से बचा जा सकता है। इस प्रकार, कूट का सही क्रम 4, 3, 2 और 1 है, जो विकल्प (d) को सही विकल्प के रूप में प्रमाणित करता है।