Correct answer: (d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
दोनों सत्य और R, A की व्याख्या — यह नहीं चल सकता, क्योंकि अभिकथन असत्य है: सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति है, दोनों सदनों के प्रति नहीं। R सत्य होने पर भी A सत्य नहीं होता और झूठे A की व्याख्या नहीं करता। इस कूट को सत्य A चाहिए।
- B
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
दोनों सत्य पर R व्याख्या नहीं — फिर भी A सत्य होना चाहिए। राज्यसभा के प्रति भी सामूहिक उत्तरदायित्व संवैधानिक नियम नहीं है। A असत्य है, अतः यह विकल्प गिरता है।
- C
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
A सत्य R असत्य तथ्यों को उलटा कर देता है: असत्य अंग A है और R सत्य है (किसी भी सदन के सदस्य मंत्री बन सकते हैं, अनुच्छेद 75)। यह कूट उल्टी दिशा है।
- D
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
(d) आधिकारिक कुंजी: अभिकथन असत्य है: मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से केवल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है (अनुच्छेद 75(3)), राज्यसभा के प्रति नहीं। कारण सत्य है: दोनों सदनों के सदस्य संघीय मंत्री बनने के पात्र हैं। अतः A असत्य और R सत्य है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है। भारत में मंत्रियों का सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति है, जो अविश्वास प्रस्ताव पारित कर सकती है; राज्यसभा नहीं। मंत्री बनने की पात्रता दोनों सदनों के सदस्यों तक है। अतः अभिकथन गिरता है और कारण खरा है। कुंजीकृत कूट A असत्य, R सत्य है।