Correct answer: (d) 4 3 1 2
व्याख्या
- A
4 2 3 1
(a) 4 2 3 1. उत्तर वैदिक को जमींदारी और मध्यकाल को पशुपालन बनाता है। उत्तर वैदिक कृषि विस्तार है; मध्यकालीन भारत जमींदार/इक्ता-जमींदारी संसार है, पशुपालन नहीं।
- B
2 1 4 3
(b) 2 1 4 3. सिंधु को जमींदारी और ऋग्वेद को नगरीय खोलता है—दोनों उल्टे।
- C
3 4 1 2
(c) 3 4 1 2. सिंधु को कृषि और उत्तर वैदिक को नगरीय कहता है। सिंधु नगरीय सभ्यता है; उत्तर वैदिक पूर्व की ओर हल-कृषि है।
- D
4 3 1 2
(d) 4 3 1 2. सिंधु घाटी नगरीय (4), उत्तर वैदिक कृषि (3), ऋग्वैदिक पशुपालन (1), मध्यकाल जमींदारी (2)। आधिकारिक कुंजी।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है। 4 3 1 2। हड़प्पा संस्कृति नगरीय है (नगर, शिल्प, व्यापार)। ऋग्वैदिक समाज गोधन-पशुपालक है, सीमित कृषि के साथ। उत्तर वैदिक समाज गंगा घाटी में कृषि प्रधान है। मध्यकालीन अर्थव्यवस्था भूमि पर श्रेष्ठ अधिकारों से बँधी है। केवल यही मानचित्र चारों संज्ञाओं से मेल खाता है।