Correct answer: (b) (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(a) दोनों सत्य और (R) व्याख्या। अकबर ने शेरशाह की त्रिधातु व्यवस्था सँवारी और दाम प्रमुख ताम्र सिक्का था—पर दाम का नामकरण मुद्रा नियमन का कारण नहीं बनता। संग्रहीत कुंजी (R) को व्याख्या नहीं मानती।
- B
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(b) दोनों सत्य, पर (R) व्याख्या नहीं। शेरशाह की रुपया–दाम त्रिधातुता अकबर के अधीन चलती और मानक बनी (जलाली और इलाही प्रयोग सहित)। दाम ताम्र इकाई सत्य है, पर यह व्यवस्था का विवरण है, टकसाल नियमन का कारण नहीं। समानांतर सत्य, कारण नहीं।
- C
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
(c) (A) सत्य, (R) असत्य। (R) असत्य नहीं: 40 दाम = 1 रुपया शेरशाह से विरासत अकबरी ताम्र संबंध है।
- D
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
(d) (A) असत्य, (R) सत्य। (A) असत्य नहीं: आईन-ए-अकबरी और टकसाल सूचियाँ जानबूझकर मुद्रा नियमन दिखाती हैं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है। (A) और (R) दोनों सत्य हैं, पर (R), (A) की व्याख्या नहीं करता। अकबर ने शेरशाह की परंपरा में सिक्का नियमन किया; दाम प्रमुख ताम्र सिक्का था। वह ताम्र तथ्य नियमन नीति का कारण नहीं। संग्रहीत अक्षर (b) का सम्मान करें।