Revision summary
उ.प्र. आईएमडी का स्थान लेने के बजाय डॉपलर रडार और स्वचालित मौसम स्टेशन घना करता है। यूपीआरएसएसी सूखा, बाढ़ और फसल की उपग्रह परतें जोड़ता है। बिजली और गर्मी निगरानी मौसमी चेतावनी पालती है। एग्रोमेट बुलेटिन और एसडीएमए चैनल पूर्वानुमान किसान व जनपद तक ले जाते हैं। अंतिम-छोर फोन और बिजली अभी तय करते हैं कि चेतावनी कार्रवाई बने।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश में मौसम खेत, बाढ़, गर्मी और बिजली गिरने की समस्या है। राज्य भारत मौसम विज्ञान विभाग का स्थान नहीं लेता; वह संवेदक घना करता है, सुदूर संवेदन प्रयोग करता है, और जनपद चेतावनी धकेलता है ताकि चेतावनी खंड तक पहुँचे, केवल लखनऊ ब्रीफिंग तक नहीं।
Body
प्रेक्षण प्रणाली
- डॉपलर मौसम रडार कवरेज, लखनऊ रडार और अन्य शहरों की ओर विस्तार सहित, तूफान का नाउ-कास्ट देता है जिसे पुराने विरल वेधशालाएँ चूकती थीं।
- स्वचालित मौसम स्टेशन और स्वचालित वर्षामापी जाल घना करते हैं ताकि तहसील वर्षा दूर शहर हवाई अड्डे से अनुमानित न हो।
- उत्तर प्रदेश सुदूर संवेदन अनुप्रयोग केंद्र सूखा, बाढ़ जलप्लावन और फसल स्थिति के लिए उपग्रह परतें आईएमडी चार्ट के साथ प्रयोग करता है।
- बिजली-पहचान फीड और ताप-सूचकांक निगरानी पूर्व-मानसून तथा मई–जून शिखर में पूर्व चेतावनी सहारा देते हैं।
किसान और जनपद तक पूर्वानुमान
- एग्रोमेट फील्ड यूनिट और फसल-मौसम बुलेटिन शहर पूर्वानुमान को कृषि व एसएमएस चैनलों से बुवाई, छिड़काव और सिंचाई सलाह बनाते हैं।
- उ.प्र. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जनपद नियंत्रण कक्ष आईएमडी नाउ-कास्ट को ऐप, सायरन और सीएम हेल्पलाइन परत पर गर्मी, बाढ़ व तूफान चेतावनी के रूप में धकेलते हैं।
- कृषि और राजस्व डैशबोर्ड से एकीकरण प्रशासनिक प्रगति है: पीडीएफ में बैठा पूर्वानुमान अभी सार्वजनिक तकनीक नहीं।
सीमा
- घना जाल अभी आईएमडी विज्ञान तथा अंतिम-छोर बिजली और फोन पर निर्भर है; रडार स्वयं गाँव को बाढ़ मैदान से नहीं हटाता।
Flow diagram
flowchart TD DWR[डॉपलर रडार एडब्ल्यूएस] --> NC[नाउ कास्ट] RS[यूपीआरएसएसी उपग्रह] --> DR[सूखा बाढ़ फसल] NC --> AL[एसडीएमए जनपद चेतावनी] DR --> AG[एग्रोमेट किसान एसएमएस] AL --> ACT[खंड कार्रवाई] AG[AG] --> ACT[ACT]
Conclusion
उ.प्र. ने डॉपलर रडार और स्वचालित स्टेशन घने कर, यूपीआरएसएसी उपग्रह उत्पाद प्रयोग कर, और एग्रोमेट व एसडीएमए चेतावनी जनपद तक धकेलकर पूर्वानुमान सुधारा है। प्रगति प्रेक्षण plus प्रसार है। विज्ञान केंद्र राष्ट्रीय आईएमडी रहता है, जिसे राज्य स्थानीय बनाता है, बदलता नहीं।
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क्या उत्तर प्रदेश अपना राष्ट्रीय मौसम उपग्रह चलाता है?
नहीं। वह आईएमडी और राष्ट्रीय उपग्रह उत्पाद प्रयोग करता है, साथ यूपीआरएसएसी पर राज्य सुदूर-संवेदन विश्लेषण।
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क्या खेत सलाह के लिए रडार पर्याप्त है?
नहीं। रडार तूफान देखता है। किसानों को बुवाई और छिड़काव समय में एग्रोमेट अनुवाद चाहिए।
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