Revision summary
उ.प्र. में गंगा बाढ़ मैदान पर दस रामसर स्थल हैं। ऊपरी गंगा बृजघाट–नरोरा खंड नदी वाला पहला स्थल है। छह 2019 पक्षी अभयारण्य मध्य मैदान में हैं, साथ सूर सरोवर, हैदरपुर और बखीरा। साझा विशेषता मानसून आर्द्रभूमि, प्रवासी पक्षी और सारस भूदृश्य है। रामसर टैग को अभी सीवेज, खरपतवार और अतिक्रमण नियंत्रण चाहिए।
Model answer
Introduction
रामसर स्थल 1971 रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि है। उत्तर प्रदेश की सूची गंगा बाढ़ मैदान का समूह है: एक लंबा नदी खंड और नौ पक्षी-व-झील अभयारण्य, जहाँ प्रवासी जलपक्षी, सारस और नदी जीव आते हैं।
Body
दस स्थल
- ऊपरी गंगा नदी, बृजघाट से नरोरा तक, राज्य का पहला रामसर स्थल था: बहता खंड जिसमें कछुए, नदी द्वीप और गंगा पारिस्थितिकी है, बंद झील नहीं।
- नवाबगंज (उन्नाव), सांडी (हरदोई), समसपुर (रायबरेली), सामन (मैनपुरी), पार्वती अर्गा (गोंडा) और सरसई नवर (इटावा) मध्य गंगा मैदान के पक्षी अभयारण्य के रूप में जुड़े।
- सूर सरोवर, आगरा के पास कीथम झील, राज्य के पश्चिमी किनारे की भंडारण-व-पक्षी आर्द्रभूमि है।
- हैदरपुर आर्द्रभूमि (बिजनौर) गंगा के बैराज बैकवाटर पर बैठती है और जलपक्षियों का शीतकालीन मैदान है।
- बखीरा (संत कबीर नगर) पूर्वी उ.प्र. की बड़ी प्राकृतिक बाढ़-मैदान आर्द्रभूमि है, निवासी व प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण।
साझा विशेषताएँ
- अधिकांश उथली, मौसमी और मानसून-पोषित हैं; ग्रीष्म में सिकुड़ती हैं, इसलिए अतिक्रमण और प्रदूषण से कानूनी रक्षा चाहिए।
- सरसई नवर और सामन सारस-क्रेन भूदृश्य के लिए जाने जाते हैं; ऊपरी गंगा खंड नदी-कछुआ और डॉल्फिन-समीप पारिस्थितिकी है, पर्यटन झील नहीं।
- नीति के लिए मायने रखने वाली विशेषताएँ जलग्रहण सीवेज, आक्रामक खरपतवार और शिकार दबाव हैं — रामसर नाम स्वयं जल नहीं साफ करता।
Flow diagram
flowchart TD R[रामसर यूपी] --> G[ऊपरी गंगा बृजघाट नरोरा] R --> B[पक्षी अभयारण्य झील] R --> H[हैदरपुर बखीरा बाढ़ मैदान] B --> M[प्रवासी पक्षी सारस] G --> E[नदी कछुए प्रवाह] H[H] --> M[M]
Conclusion
उत्तर प्रदेश का रामसर मानचित्र दस आर्द्रभूमियाँ हैं: बृजघाट–नरोरा गंगा खंड तथा नवाबगंज, सांडी, समसपुर, सामन, पार्वती अर्गा, सरसई नवर, सूर सरोवर, हैदरपुर और बखीरा। वे बाढ़-मैदान पक्षी और नदी स्थल हैं। संरक्षण सीवेज और अतिक्रमण नियंत्रण है, केवल पट्टिका नहीं।
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क्या दूधवा रामसर स्थल है?
दूधवा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ आरक्ष है। यहाँ गिनाए दस अधिसूचित रामसर आर्द्रभूमियों के समान नहीं।
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क्या रामसर नाम स्वयं प्रदूषण रोकता है?
नहीं। वह कर्तव्य और दृश्यता बढ़ाता है। सीवेज, गाद और अतिक्रमण को अभी राज्य व स्थानीय कार्रवाई चाहिए।
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