Q4 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2024 · GS VI (UP) · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली प्राकृतिक वनस्पति के प्रमुख प्रकारों के भौगोलिक वितरण और विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

विषय: Geography of UP. पाठ्यक्रम: Geography of UP — Geographical Location, Relief and Structure, Climate, Irrigation, Minerals, Drainage System and Vegetation. National Parks and Wildlife Sanctuaries in UP. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2024 और Geography of UP से।

Revision summary

उत्तरी तराई–भाबर अभी आर्द्र पर्णपाती साल और घास रखती है। हल मैदान केवल पलाश, महुआ, नीम जैसे शुष्क पर्णपाती अवशेष रखते हैं। बुंदेलखंड और यमुना बीहड़ उष्णकटिबंधीय काँटे व झाड़ी हैं। आर्द्रभूमि किनारे नरकट, घास और नदी आवरण हैं। खेत और सामाजिक वानिकी वृक्ष प्राकृतिक चरम प्रकार नहीं।

Model answer

Introduction

उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक वनस्पति नमी, मिट्टी और उच्चावच का अनुसरण करती है, उत्तराखंड विभाजन के बाद उत्तर में केवल पतली शिवालिक–तराई वन पट्टी बची। शेष राज्य शुष्क पर्णपाती, काँटे-झाड़ी और आर्द्रभूमि घास है, जिसका बड़ा भाग हल और रोपण ने बदल दिया।

Body

आर्द्र पर्णपाती तराई–भाबर

  • पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती और दूधवा–कतरनियाघाट पट्टी में अधिक भूजल और भाबर बजरी साल, मिश्रित आर्द्र पर्णपाती स्टैंड और ऊँची घास सहारा देती हैं।
  • विशेषताएँ आरक्षित खंडों में बंद छत्र, दलदल किनारे और वन्यजीव गलियारे हैं — यही राज्य का बचा प्राकृतिक वन है, खेत यूकेलिप्टस नहीं।

शुष्क पर्णपाती मैदान

  • गंगा–यमुना दोआब और पूर्वी मैदान के अधिकांश भाग में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती अवशेष हैं: पलाश, महुआ, नीम, पीपल, शीशम, और जहाँ मिट्टी दे वहाँ सागौन-सदृश साथी।
  • वृक्ष सूखा-पतझड़, खुले छत्र और आग-सह हैं; जलोढ़ पर खेती ने चरम वन दुर्लभ कर दिया।

काँटे, बीहड़ और विंध्य किनारा

  • दक्षिण-पश्चिमी उ.प्र., बुंदेलखंड और यमुना–चंबल बीहड़ उष्णकटिबंधीय काँटे और झाड़ी दिखाते हैं: बबूल, ढाक, शुष्क पहाड़ी प्रकार, और टूटी ढलान पर घास।
  • विशेषताएँ कम ऊँचाई, गहरी जड़ें और चरान दबाव हैं; यह नमी की प्राकृतिक दरिद्रता है, केवल कटाई नहीं।

आर्द्रभूमि और नदी किनारा

  • रामसर झीलें, मोड़ झीलें और गंगा–घाघरा किनारे नरकट, घास और बाढ़-मैदान वन रखते हैं, ऊपरी साल से अलग।
  • सामाजिक वानिकी और सड़क रोपण उपयोगी आवरण हैं, किंतु यहाँ पूछे मूल प्राकृतिक प्रकार नहीं।

Flow diagram

flowchart TD
  N[उत्तर तराई भाबर] --> S[साल मिश्रित आर्द्र वन]
  P[गंगा मैदान] --> D[शुष्क पर्णपाती अवशेष]
  B[बुंदेलखंड बीहड़] --> T[काँटे झाड़ी]
  W[आर्द्रभूमि नदियाँ] --> G[नरकट घास किनारा]

Conclusion

उ.प्र. की प्राकृतिक वनस्पति उत्तर में आर्द्र साल-घास तराई, हल मैदान पर शुष्क पर्णपाती अवशेष, बुंदेलखंड व बीहड़ में काँटे-झाड़ी, और आर्द्रभूमियों पर नरकट-घास है। वितरण वर्षा और भूजल का अनुसरण करता है। विशेषताएँ सूखा, बाढ़ और लंबी खेत-परिवर्तन का अनुसरण करती हैं।

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