Revision summary
लखनऊ का CST-UP राज्य नोडल विज्ञान परिषद है। राष्ट्रीय प्रयोगशालाएँ पहले से लखनऊ में हैं; परिषद उन्हें यूपी विश्वविद्यालयों से जोड़े। 2025 नीति के संभावित लक्ष्य जलवायु-तैयार शोध, बायोटेक, स्टार्टअप और STEM पहुँच हैं। लचीलापन बाढ़, गर्मी और फसल झटके की सेवा करने वाला शोध है। सीमा धन, पद और रखरखाव है, लॉन्च आयोजन नहीं। गढ़ी करोड़ राशियाँ न लिखें।
Model answer
Introduction
लचीले आरएंडडी पारिस्थितिकी तंत्र को केवल नीति पुस्तिका नहीं, प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, फर्म और आपदा-तैयार विज्ञान चाहिए। 2025 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति और CST-UP की परीक्षा उसी पर हो, यहाँ सार्वजनिक अभिलेख पर न हों ऐसी बजट करोड़ राशियाँ गढ़े बिना।
Body
CST-UP पहले से क्या है
- लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद विज्ञान लोकप्रियकरण, परियोजना अनुदान और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं से समन्वय का राज्य नोडल निकाय है।
- लखनऊ में पहले से CSIR-CDRI, CSIR-NBRI, CSIR-IITR और बायोटेक पार्क हैं, इसलिए CST-UP का वास्तविक काम राज्य विश्वविद्यालयों और जिलों को उस समूह से जोड़ना है, उसे बदलना नहीं।
2025 नीति के संभावित लक्ष्य
- आधिकारिक 2025 भाषा, जैसी ऐसी नीतियाँ चलती हैं, विश्वविद्यालय–उद्योग परियोजना, जलवायु-लचीली कृषि शोध, जैव प्रौद्योगिकी, आपदा विज्ञान, स्टार्टअप, और महिलाओं सहित व्यापक STEM पहुँच का लक्ष्य रखती है।
- यहाँ लचीलापन वह शोध है जो बाढ़, गर्मी और फसल झटके के बाद भी चले, और वह आरएंडडी आधार जो एक-दो लखनऊ संस्थानों तक सीमित न हो।
- जिला विज्ञान केंद्र, पेटेंट सुविधा, और IIT-BHU, नए IIT तथा चिकित्सा शोध परिसरों से कड़ी उस लक्ष्य के स्वाभाविक उपकरण हैं।
मूल्यांकन
- शक्ति: नई नीति बाढ़, सूखा, लोक स्वास्थ्य और कृषि-प्रसंस्करण के मिशन तय कर सकती है जो यूपी के जोखिम से मेल खाएँ, और CST-UP छोटे अनुदान राज्य विश्वविद्यालयों तक ले जा सकता है।
- शक्ति: स्टार्टअप और उद्योग को आरएंडडी साझेदार कहना परिषद को स्कूल विज्ञान मेले से आगे ले जा सकता है।
- कमजोरी: परिषदें तब असफल होती हैं जब अनुदान पतले, विलंबित या कुछ परिसरों में कैद हों; 2025 दस्तावेज स्वयं वैज्ञानिक नहीं भर्ती करता।
- कमजोरी: लचीलेपन को दीर्घ करियर और उपकरण रखरखाव चाहिए; घोषणा चक्र प्रयोगशाला चक्र से छोटे होते हैं।
- निर्णय: नीति और CST-UP उपयोगी मचान हैं; लचीला पारिस्थितिकी तंत्र संयुक्त पेटेंट, एसडीएम कार्यालयों में प्रयुक्त आपदा मॉडल और कृषि परीक्षणों में दिखेगा, लॉन्च तिथि में नहीं।
Flow diagram
flowchart TD P[विज्ञान नीति 2025] --> C[CST-UP] C --> L[CDRI NBRI IITR विश्वविद्यालय] L --> R[लचीला आरएंडडी] R --> D[बाढ़ कृषि स्वास्थ्य]
Conclusion
2025 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति और CST-UP लचीला आरएंडडी तब बना सकते हैं जब लखनऊ की राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को राज्य विश्वविद्यालयों और जिला जोखिमों से बाँधें। मूल्यांकन सतर्क रहता है: लक्ष्य ठीक हैं; आपूर्ति अनुदान, लोग और प्रयुक्त शोध होगी, ब्रोशर नहीं।
Quick related
Students also ask
-
Critically examine the socio-economic potential of the new UP AYUSH Policy, 2025 in promoting wellness tourism and agricultural diversification.
Next question in the 2025 paper (Q20). View answer →
-
क्या 2025 बजट आवंटन करोड़ में उद्धृत करें?
इस उत्तर से नहीं। 2025 लक्ष्यों को कार्यक्रम दिशा मानें जब तक राजपत्र आँकड़ा हाथ में न हो।
-
क्या CST-UP CSIR प्रयोगशालाओं का विकल्प है?
नहीं। उसे उन प्रयोगशालाओं के साथ राज्य धन और विश्वविद्यालयों का समन्वय करना चाहिए, नकल नहीं।
समान विषय · पिछले पेपर
UPPSC ने यह पहले भी पूछा है
ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks · Solution
प्राचीन साहित्य के आधार पर ‘अयोध्या’ के सांस्कृतिक महत्व का वर्णन कीजिए।
UP history, civilisation and culture
रामायण अयोध्या को राम की कोसल राजधानी बनाती है। स्कंद पुराण का अयोध्या माहात्म्य उसे मोक्षपुरियों में रखता है। बौद्ध ग्रंथ साकेत याद करते हैं, जैन ग्रंथ विनीता या साकेत में तीर्थंकर जन्म याद करते हैं। ये ग्रंथ मिलकर उत्तर प्रदेश में अयोध्या का स्थायी सांस्कृतिक भार देते हैं।
Q2 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks · Solution
आगरा की इंडो-इस्लामिक वास्तुकला में भारतीय, फारसी और इस्लामी शैलियों का समन्वय दिखाई देता है। टिप्पणी कीजिए।
UP history, civilisation and culture
आगरा के मुगल भवन भारतीय शिल्प, फारसी बाग और इस्लामी मकबरे मिलाते हैं। आगरा किला एक परिसर में अकबर का बलुआ पत्थर और शाहजहाँ का संगमरमर दिखाता है। ताज महल भारतीय कारखानों द्वारा बना फारसी बाग-मकबरा है। एतमादुद्दौला आगरा का प्रारंभिक सफेद संगमरमर जड़ाऊ मकबरा है।
Q3 · UPSC Mains 2025 · UPGS5 · 8 marks · Solution
उत्तर प्रदेश की शिक्षा के क्षेत्र में आर्य समाज के योगदान की संक्षेप में चर्चा कीजिए।
Health and education in UP
आर्य समाज ने संयुक्त प्रांत में वैदिक और आधुनिक स्कूल को एक कार्यक्रम माना। DAV स्कूल और कॉलेज मुख्य शहरी श्रृंखला बने। गुरुकुल कांगड़ी और कन्या गुरुकुल ने आवासीय तथा स्त्री शिक्षा का मॉडल दिया। हिंदी माध्यम उत्तर प्रदेश में समाज की स्थायी छाप है। प्रसार पूर्व से अधिक पश्चिम में रहा।