Revision summary
प्रेरित अनुपालन पहला कर्म इसलिए प्रयोग करता है कि दृष्टिकोण बाद में कर्म से मिले। छोटा स्वामित्व भारी घूस से बेहतर चलता है जो कर्म को बाहर से समझा दे। शौचालय, पहला मत, डिजिटल पत्रावली और स्थानीय गश्त प्रशासनिक उपयोग हैं। शर्म और असंभव दंड दबाव हैं, यह उपकरण नहीं। राज्य को सेवा पूरी करनी चाहिए ताकि नई आदत उपहासित न हो।
Model answer
Introduction
प्रेरित अनुपालन व्यक्ति से पहले कर्म कराना है ताकि बाद में दृष्टिकोण कर्म का अनुसरण करे। प्रशासन उसका उपयोग तब करता है जब एक छोटा, विधिवत कदम अगली नागरिक आदत आसान बनाए।
Body
विचार
- सामाजिक मनोविज्ञान में प्रेरित अनुपालन संज्ञानात्मक विसंवादिता का रूप है: चुने कर्म के बाद लोग अक्सर विश्वास को किए गए काम से मिलाते हैं।
- फेस्टिंजर और कार्लस्मिथ के भुगतान निबंध अध्ययन दिखाते हैं कि छोटा पुरस्कार भारी घूस से अधिक भीतरी परिवर्तन ला सकता है, क्योंकि व्यक्ति कर्म का स्वामी बने।
- प्रशासन में उपयोगी सार स्वैच्छिक या हल्का अपेक्षित पहला कर्म है जो दृश्य हो, जहाँ अधिकार माँगें वहाँ उलटा जा सके, और लोक हित से जुड़ा हो।
व्यावहारिक उपयोगिताएँ
- सब्सिडी से शौचालय बनाने वाला घर अक्सर स्वच्छता का बचाव करने लगता है, जो कर्म के बाद दृष्टिकोण है।
- पहली बार पड़ोसियों के साथ कतार में खड़े मतदाता बाद में मतदान को सामान्य कर्तव्य मानने लगते हैं।
- दीवार पर लिखित प्रतिज्ञा, यदि स्वतंत्र दी गई हो, जल उपयोग या विद्यालय उपस्थिति अभियान के बाद के अनुपालन का सहारा बन सकती है।
- ई-ऑफिस पहला लॉगिन और डिजिटल हस्ताक्षर, एक बार प्रयुक्त, कागज रहित पत्रावली के बाद के प्रतिरोध घटाते हैं।
- सामुदायिक पुलिसिंग जो निवासियों से रात्रि गश्त चलवाए, स्थानीय सुरक्षा का स्वामित्व बढ़ा सकती है।
नैतिक सीमाएँ
- जबरन सार्वजनिक शर्म प्रेरित अनुपालन नहीं; वह दबाव है जो भय और झूठे आँकड़े पालता है।
- बिना संभव पहले कदम के भारी दंड टालमटोल पैदा करता है, बदला नागरिक स्व नहीं।
- अधिकारी को पहला कर्म विधिवत, सस्ता, और सांप्रदायिक निशाने से मुक्त रखना चाहिए।
- उपयोगिता तब सबसे अधिक है जब राज्य मेल खाती सेवा दे, जैसे शौचालय के बाद जल, ताकि नया दृष्टिकोण असफलता से उपहासित न हो।
Flow diagram
flowchart TD A[छोटा विधिवत कर्म] --> D[विसंवादिता] D --> B[दृष्टिकोण परिवर्तन] B --> H[आदत] S[सेवा वितरण] --> H
Conclusion
प्रेरित अनुपालन तब उपयोगी है जब छोटा विधिवत कर्म नागरिकों को लोक हित का स्वामी बनाए। वह तब गिरता है जब बल, शर्म या गायब सेवा पहले कर्म को खोखला करें।
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क्या जुर्माना प्रेरित अनुपालन है?
जुर्माना बाहरी दबाव है। प्रेरित अनुपालन अधिकांशतः चुने कर्म के बाद भीतरी स्वामित्व चाहता है। हानि के लिए जुर्माना फिर भी चाहिए हो सकता है।
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क्या यह नकली उपलब्धि आँकड़े उचित ठहराता है?
नहीं। झूठी शौचालय गिनती ईमानदार विसंवादिता नहीं पैदा करती और विश्वास तोड़ती है, जो उपयोगिता का उलटा है।
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