Q3 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2025 · GS IV · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 1 min read

← Q2 Q4 →

सद्गुणों के संबंध में अरस्तू के दृष्टिकोण तथा प्रशासनिक कार्यों में उसके अनुप्रयोग की चर्चा कीजिए।

विषय: Emotional Intelligence. पाठ्यक्रम: Emotional Intelligence — concept and dimensions, its utility and application in administration and governance. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2025 और Emotional Intelligence से।

Revision summary

अरस्तू का नैतिक सद्गुण मध्य की स्थिर आदत है, अभ्यास से सीखी। साहस, संयम और न्याय नागरिक सद्गुण हैं जिन्हें अधिकारी को वाणी नहीं, पत्रावली में दिखाना है। फ्रोनेसिस व्यावहारिक बुद्धि है जो जीवित मामले में सही मध्य पाती है। प्रशासन इसे ईमानदार टिप्पणी, राजकोषीय संयम और समान व्यवहार के रूप में लगाता है। कार्यालय संस्कृति दोष भी सिखा सकती है; उदाहरण और नियम मध्य फिर बना सकते हैं।

Model answer

Introduction

अरस्तू सद्गुण को अति और न्यून के मध्य का स्थिर अभ्यास मानते हैं। प्रशासन को साहस, संयम, न्याय और व्यावहारिक बुद्धि में वह अभ्यास चाहिए।

Body

अरस्तू के सद्गुण

  • अरस्तू के लिए नैतिक सद्गुण अभ्यास से अर्जित स्वभाव है, अच्छे दिन का एक अच्छा मूड नहीं।
  • प्रत्येक सद्गुण मध्य है: कायरता और उतावलेपन के बीच साहस, तथा भोग और जड़ता के बीच संयम।
  • न्याय वितरण और सुधार में प्रत्येक को उसका हक देना है, जो सद्गुण का नागरिक रूप है।
  • फ्रोनेसिस, व्यावहारिक बुद्धि, वह बौद्धिक सद्गुण है जो ठोस मामले में सही मध्य देखता है।
  • सुख, यूडेमोनिया, पूरे जीवन में सद्गुण के अनुसार आत्मा की गतिविधि है, निजी रोमांच नहीं।

प्रशासन में अनुप्रयोग

  • अधिकारी का साहस दबाव के विरुद्ध ईमानदार टिप्पणी लिखना है, कार्यालय तोड़ने वाला नाटकीय विद्रोह नहीं।
  • संयम सार्वजनिक धन, उपहार और संरक्षण में रोक है, जो आचरण नियमों और राजकोषीय औचित्य से मेल खाता है।
  • न्याय लाइसेंस, राहत सूची और पदस्थापन में समान व्यवहार है, जो दैनिक पत्रावली में अनुच्छेद 14 है।
  • व्यावहारिक बुद्धि वह विधिवत विकल्प चुनना है जो सबसे कमजोर दावेदार की सच में मदद करे, केवल कठोर दिखने वाला विकल्प नहीं।
  • दूषित कार्यालय संस्कृति उलटी आदतें सिखाती है; प्रशिक्षण और उदाहरण अभी भी मध्य बना सकते हैं।

Flow diagram

flowchart TD
  A[अरस्तू] --> M[अभ्यास से मध्य]
  M --> J[न्याय]
  M --> P[व्यावहारिक बुद्धि]
  J --> O[निष्पक्ष पत्रावली]
  P[P] --> O[O]

Conclusion

अरस्तू का सद्गुण व्यावहारिक बुद्धि से चलाया गया अभ्यासयुक्त मध्य है। प्रशासन में वह मापे हुए साहस, धन के स्वच्छ व्यवहार, समान बर्ताव और प्रत्येक के हक की सेवा करने वाले निर्णय में दिखता है।

Quick related

Students also ask

  • Distinguish between moral responsibility and role (ex-officio) responsibility in the life of a public servant.

    Next question in the 2025 paper (Q4). View answer →

  • क्या मध्य हमेशा दो छोर का बीच है?

    नहीं। अरस्तू का मध्य मामले में उपयुक्त है, दो अतियों का यांत्रिक आधा नहीं।

  • क्या सद्गुण नियम पुस्तिका की जगह लेता है?

    नहीं। सद्गुण अधिकारी को नियम पुस्तिका का अच्छा उपयोग सिखाता है। वह विधि के इर्द-गिर्द निजी शॉर्टकट नहीं देता।

समान विषय · पिछले पेपर

UPPSC ने यह पहले भी पूछा है

ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।

  1. 2018 · Q20 · UPGS4 · 12 marks

    A Public Information Officer has received an application under the Right to Information (RTI) Act. After gathering the required information, he finds that the information pertains to some of the decisions taken by him, which were not totally correct. Some other employees were also a party to these decisions. Disclosure of the information may lead towards disciplinary action against him and his other colleagues including probable punishment. Non-disclosure of information or partial disclosure of information may result in less or no punishment. The Public Information Officer is an honest and conscientious person but the particular decision regarding which an application under the RTI Act was lodged was a wrong decision. The officer comes to you for your advice. Under the above conditions what will be your advice to the officer? Explain logically.

    उत्तर देखें →

More from this paper

Q1 · UPSC Mains 2025 · UPGS4 · 8 marks · Solution

मूल्य को परिभाषित करते हुए मानव मूल्यों की विशिष्ट विशेषताओं तथा इन मूल्यों के विकास में परिवार की भूमिका की व्याख्या कीजिए।

Civil Service aptitude and values

मूल्य स्थिर मापदंड है जो योग्य चुनाव चलाता है, क्षणिक मनोदशा नहीं। मानवीय मूल्य सिखाए जाते हैं, सार्वभौम योग्यता का दावा करते हैं, अंतःकरण को आचरण से जोड़ते हैं और सार्वजनिक तर्क से टिकते हैं। परिवार विश्वास, सहानुभूति और सम्मान का पहला विद्यालय दैनिक उदाहरण से है। बंद घर पूर्वाग्रह भी बो सकता है, इसलिए परिवार की शक्ति अपने आप नैतिक नहीं। बाद के विद्यालय और कार्यालय उस पहले मानचित्र को पुष्ट या सुधारते हैं।

Q2 · UPSC Mains 2025 · UPGS4 · 8 marks · Solution

नैतिक एवं जन-केंद्रित शासन के संदर्भ में चाणक्य के जीवन और विचारों की समकालीन प्रासंगिकता का मूल्यांकन कीजिए।

Emotional Intelligence

कौटिल्य शासक को प्रजा के सुख और सुरक्षा से जाँचते हैं। योगक्षेम, परीक्षित सेवा और ईमानदार लेखा नैतिक प्रशासन की प्रयोग योग्य परीक्षाएँ हैं। दंड बलशाली का विधिवत नियंत्रण है, व्यक्तिगत क्रूरता नहीं। लोकतंत्र राजप्रासाद छल नहीं ले सकता; अधिकार और प्रचार अब अधिकारी बाँधते हैं। जीवित पाठ संविधान के अधीन कल्याण और राजकोषीय सत्यनिष्ठा है।

Q4 · UPSC Mains 2025 · UPGS4 · 8 marks · Solution

लोक सेवक के जीवन में नैतिक उत्तरदायित्व और भूमिका (पदेन) उत्तरदायित्व के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Moral thinkers and philosophers

भूमिका उत्तरदायित्व वह है जो पद विधि, नियम और अधिपत्र से देता है, और वह कुर्सी के साथ चलता है। नैतिक उत्तरदायित्व हानि की व्यक्तिगत जवाबदेही है, मौन और तकनीकी रूप से सही किंतु क्रूर कर्म सहित। पदेन कर्तव्य जाँच योग्य और हस्तांतरणीय है; हस्ताक्षर का नैतिक स्वामित्व पूरी तरह हस्तांतरणीय नहीं। स्वस्थ सेवा भूमिका ऐसी गढ़ती है कि कमजोर की देखभाल का विधिवत मार्ग हो। जब आदेश अवैध या घोर अन्यायपूर्ण हो, दर्ज असहमति और इनकार दोनों भूमिका और नैतिक कर्तव्य हैं।

PDF