Revision summary
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 आपदा प्रबंधन को एनडीएमए, एसडीएमए और डीडीएमए से सरकारी कर्तव्य बनाता है। सरकार रोकती, चेताती, निधि देती, एनडीआरएफ भेजती और पुनर्निर्माण करती है। स्थानीय अभी पहले पहुँचते हैं; उन्हें प्रशिक्षण देना उचित और नियोजित है (आपदा मित्र, नागरिक सुरक्षा)। प्रशिक्षित नागरिक घातक अंतर, घबराहट और फँसे व्यक्ति की अज्ञानता काटते हैं। वे राज्य के पूरक हैं; वे विकल्प अग्नि सेवा या भीड़ नहीं बनने चाहिए।
Model answer
Introduction
आपदा प्रबंधन राज्य का कर्तव्य है रोकना, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्निर्माण जब बाढ़, भूकंप, चक्रवात या औद्योगिक दुर्घटना लगे। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 ने उस कर्तव्य को क़ानून में रखा। स्थानीय नागरिकों का प्रशिक्षण सरकार का विकल्प नहीं। वह पहले दस मिनट हैं जिन्हें सरकार भौतिक रूप से नहीं भर सकती।
Body
सरकार की भूमिका
- क़ानून और संस्थाएँ: 2005 अधिनियम ने केंद्र में एनडीएमए, राज्यों में एसडीएमए और जिलों में डीडीएमए बनाये, योजनाओं, निधि और कमान श्रृंखला के साथ।
- रोकथाम और न्यूनीकरण: भूमि-उपयोग, भवन संहिता, बाढ़-मैदान जोनिंग और रासायनिक-बफर नियम — सायरन से पहले सस्ता काम।
- तैयारी: आईएमडी और केन्द्रीय जल आयोग चेतावनी, मॉक ड्रिल, स्कूल सुरक्षा और पूर्व-स्थित राहत।
- प्रतिक्रिया: विशिष्ट बचाव के लिए एनडीआरएफ, जन प्रथम लहर के रूप में एसडीआरएफ और पुलिस-अग्नि-स्वास्थ्य, जब पैमाना नागरिक रेखा पार करे सशस्त्र बल।
- पुनर्प्राप्ति: पुनर्निर्माण, आजीविका और मनोसामाजिक देखभाल ताकि अगला मानसून उसी कमजोर घर से न मिले।
- वित्त और मानक: राष्ट्रीय व राज्य आपदा प्रतिक्रिया और न्यूनीकरण निधि, एनडीएमए दिशानिर्देश और अंतर-राज्य पारस्परिक सहायता।
सरकार इसलिए प्रणाली की स्वामी है: क़ानून, धन, विज्ञान और भारी बचाव। वह पहले घंटे में हर गली की स्वामी नहीं हो सकती।
क्या स्थानीय नागरिकों को प्रशिक्षित करें? हाँ
- पड़ोसी ढहे कमरे या डूबते बच्चे तक एनडीआरएफ पहिये परिसर छोड़ने से पहले पहुँचते हैं; प्रशिक्षित हाथ वह घातक अंतर काटते हैं।
- आपदा मित्र, नागरिक सुरक्षा, एनसीसी, एनएसएस और होम गार्ड स्वयंसेवक नियोजित स्थानीय परत हैं, भीड़ नहीं।
- नालों, वृद्धों और दिव्यांग पड़ोसियों का स्थानीय ज्ञान वह डेटा है जो किसी उपग्रह के पास नहीं; प्रशिक्षण उसे रोस्टर बनाता है।
- प्रशिक्षित नागरिक घबराहट, अफवाह और द्वितीयक भगदड़ भी घटाते हैं जो पानी जितनी जान लेती हैं।
- प्रशिक्षण अधिकार-सुरक्षित होना चाहिए: कोई जागरूक हिंसा नहीं, अग्नि सेवाओं की जगह नहीं, और रिफ्रेशर ताकि 2018 की ड्रिल 2022 का अकेला कौशल न रहे।
यह उचित है क्योंकि आपदाएँ पहले मिनटों में स्थानीय हैं और अगले दिनों में सरकारी। दोनों परतें अधिनियम की डिजाइन हैं, दान जोड़ नहीं।
Flow diagram
flowchart TD G[डीएम अधिनियम एनडीएमए एसडीएमए डीडीएमए] --> P[रोक तैयारी] G --> R[एनडीआरएफ एसडीआरएफ प्रतिक्रिया] C[प्रशिक्षित स्थानीय नागरिक] --> F[पहले मिनट] F --> R R --> V[पुनर्प्राप्ति]
Conclusion
आपदा प्रबंधन में सरकार की भूमिका 2005 अधिनियम और एनडीएमए–एसडीएमए–डीडीएमए के अधीन क़ानून, योजनाएँ, चेतावनी, निधि, एनडीआरएफ और पुनर्प्राप्ति है। स्थानीय नागरिकों का प्रशिक्षण उचित है: वे प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता, आपदा मित्र-प्रकार स्वयंसेवक और गली की स्मृति हैं। तर्क पूरकता है — राज्य क्षमता साथ प्रशिक्षित सड़क — बचाव का निजीकरण नहीं।
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क्या प्रशिक्षित नागरिक एनडीआरएफ की जगह ले सकते हैं?
नहीं। वे पहले मिनट थामते हैं। ढहना, रसायन और तेज जल बचाव को अभी विशिष्ट बल चाहिए।
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क्या नागरिक प्रशिक्षण केवल बाढ़ के लिए है?
नहीं। आग, भूकंप, गर्मी और औद्योगिक रिसाव सभी को पड़ोसी चाहिए जो ड्रिल और कॉल नंबर जाने।
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