Revision summary
नीति आयोग (2015) योजना आयोग की जगह थिंक टैंक है, योजना-निधि निकाय नहीं। उद्देश्य: सहकारी संघवाद, एसडीजी निगरानी, नवाचार और कार्यक्रम डिजाइन। तीन वर्षीय कार्य एजेंडा 2017–18 से 2019–20 तक 15-वर्षीय विजन और 7-वर्षीय रणनीति के अधीन चला। प्राथमिकताएँ रोजगार, कृषि आय, अवसंरचना, समावेश और शासन थीं। यह संकेतात्मक था; खर्च बजट करते हैं, नीति क्रम और जिले ट्रैक करती है।
Model answer
Introduction
नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) ने 2015 में योजना आयोग का स्थान लिया। इसका काम सहकारी संघवाद और साक्ष्य है, कठोर पंचवर्षीय योजना आवंटन नहीं।
Body
उद्देश्य
- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली गवर्निंग काउंसिल के माध्यम से राज्यों को राष्ट्रीय नीति में सीट देकर सहकारी संघवाद बढ़ाना।
- ज्ञान और नवाचार केंद्र बनना: रणनीति, सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी और अटल नवाचार मिशन।
- आकांक्षी जिला कार्यक्रम जैसी योजनाएँ डिजाइन और ट्रैक करना, न कि पुराने आयोग की तरह प्रत्येक राज्य योजना स्वीकृत करना।
- एसडीजी, स्वास्थ्य, जल और नवाचार सूचकांकों से प्रतिस्पर्धी संघवाद ताकि राज्य क्रम देखें और बेहतर अभ्यास नकल करें।
तीन वर्षीय कार्य एजेंडा
- तीन वर्षीय कार्य एजेंडा 2017–18 से 2019–20 तक निकट-अवधि कार्य सूची था, दीर्घ पंद्रह-वर्षीय विजन और सात-वर्षीय रणनीति के अधीन।
- इसमें वृद्धि और रोजगार, किसानों की आय दोगुनी करना, अवसंरचना और डिजिटल रेल, सामाजिक समावेश और शासन सुधार प्राथमिकताएँ थीं।
- पंचवर्षीय योजना के विपरीत यह संकेतात्मक था: मंत्रालय और राज्य बजट संरेखित करें; नीति स्वयं योजना निधि नहीं देती थी।
- वार्षिक समीक्षा और डैशबोर्ड एजेंडे को मापनीय आउटपुट में बदलने के लिए थे, एक और न पढ़ा दस्तावेज नहीं।
Flow diagram
flowchart TD N[नीति आयोग 2015] --> O[सहकारी संघवाद थिंक टैंक एसडीजी] N --> V[पंद्रह-वर्षीय विजन] V --> S[सात-वर्षीय रणनीति] S --> A[तीन वर्षीय कार्य एजेंडा 2017-20] A --> P[रोजगार कृषि अवसंरचना समावेश] O --> M[सूचकांक आकांक्षी जिले] P --> M
Conclusion
नीति आयोग के उद्देश्य संघीय साझेदारी, थिंक-टैंक सलाह और निगरानी हैं। तीन वर्षीय कार्य एजेंडा (2017–20) दीर्घ विजन के अधीन छोटी कार्य सूची था; वितरण अभी केंद्र और राज्य बजट पर टिका है।
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क्या नीति आयोग पंचवर्षीय योजना निधि आवंटित करता है?
नहीं। वित्त आयोग तथा केंद्र और राज्य बजट धन देते हैं। नीति सलाह और निगरानी करती है।
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क्या तीन वर्षीय कार्य एजेंडा कानून था?
नहीं। वह नीति एजेंडा था। मंत्रालयों को काम के लिए बजट पंक्तियाँ और योजनाएँ चाहिए थीं।
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