Revision summary
भारत में निम्न कृषि उत्पादकता भूमि, श्रम और जल प्रति उपज है, केवल वर्षा नहीं। छोटी खंडित जोत मशीन, बीज और सिंचाई की प्रति एकड़ लागत बढ़ाती हैं। वर्षा क्षेत्र, गिरता मृदा कार्बन और एनपीके असंतुलन उर्वरक प्रतिक्रिया काटते हैं। पतला विस्तार और बीज अंतर नई किस्मों को कई खेतों से दूर रखते हैं। कीमत जोखिम, कटाई-उपरांत हानि और कमजोर एफपीओ विपणन अधिशेष कम रखते हैं, भले पीएमकेएसवाई, एनएफएसएम, पीएमएफबीवाई और ई-नाम हों।
Model answer
Introduction
भारतीय कृषि अभी छोटे भूखंडों से बड़ी आबादी पालती है, किंतु कई फसलों में प्रति हेक्टेयर उपज कई एशियाई साथियों से पीछे है। यहाँ निम्न उत्पादकता भूमि, श्रम और जल प्रति उत्पादन है—केवल खराब मानसून वर्ष नहीं।
Body
संरचनात्मक और संसाधन कारण
- जोत छोटी और खंडित हैं, इसलिए मशीन, सिंचाई और गुणवत्ता बीज प्रति एकड़ महँगे हैं।
- बड़े हिस्से की कृषि अभी वर्षा आधारित है; कुछ पेटियों में भूजल अति-दोहित है और कुछ में गायब।
- मृदा कार्बन गिर रहा है; लवणता, कटाव और सस्ते यूरिया के बाद असंतुलित एनपीके उर्वरक प्रतिक्रिया काटते हैं।
- सार्वजनिक विस्तार पतला है, इसलिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड सलाह और नई किस्में हमेशा खेत तक नहीं पहुँचतीं।
बाजार, जोखिम और कटाई के बाद
- कीमत जोखिम और कुछ फसलों से बाहर कमजोर खरीद किसानों को कम-मूल्य अनाज पर रखती है जहाँ बागवानी लाभ दे सकती।
- पीएमएफबीवाई बीमा, पीएम-किसान नकद और ई-नाम बाजार हैं, किंतु काश्तकारी और गायब अभिलेख कई जोतने वालों को बाहर रखते हैं।
- कटाई-उपरांत हानि, कमजोर एफपीओ और धीमे पीएमकेएसवाई सिंचाई कार्य मतलब अच्छी फसल भी कम विपणन अधिशेष बनती है।
- छोटे भूखंडों के लिए बीज और यंत्रीकरण में शोध-से-खेत अंतर दबाव पूरा करता है।
Flow diagram
flowchart TD H[छोटी खंडित जोत] --> L[निम्न उपज] R[वर्षा जल तनाव] --> L S[मृदा एनपीके असंतुलन] --> L E[पतला विस्तार] --> L M[कीमत जोखिम कटाई-उपरांत] --> L L --> P[पीएमकेएसवाई एनएफएसएम आरकेवीवाई एसएचसी] L --> I[पीएमएफबीवाई पीएम-किसान ई-नाम एफपीओ]
Conclusion
निम्न उत्पादकता छोटे भूखंड, वर्षा जोखिम, थकी मृदा, पतला विस्तार और कमजोर बाजार हैं—एक कारण नहीं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पीएमकेएसवाई, एनएफएसएम, आरकेवीवाई, पीएमएफबीवाई और ई-नाम नामित रेल हैं; उपज तभी बढ़ती है जब जल, बीज और जोतने वाला संरेखित हों।
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क्या मानसून निम्न उत्पादकता का एकमात्र कारण है?
नहीं। जोत, मृदा, बीज, विस्तार और बाजार अच्छे वर्षा वर्ष में भी मायने रखते हैं।
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क्या पीएम-किसान अकेले उपज बढ़ाता है?
वह नकद तनाव कम करता है। उपज के लिए खेत पर जल, बीज और सलाह अभी चाहिए।
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