Revision summary
अनुच्छेद 263 अंतर-राज्यीय परिषद का संवैधानिक आधार है, सरकारिया के बाद 1990 में गठित। परिषद संघ और राज्यों के बीच प्रशासनिक और राजनीतिक घर्षण पर सिफारिश कर सकती है। नदी विवाद अनुच्छेद 262 और वैधानिक अधिकरणों पर चलते हैं, न्यायालय के रूप में परिषद पर नहीं। अनुच्छेद 131 कुछ संघ-राज्य कानूनी विवादों का न्यायिक मार्ग रहता है। परिषद उसी सीमा तक चलती है जितना उसे बुलाया जाए और सलाह मानी जाए।
Model answer
Introduction
अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को संघ-राज्य और अंतर-राज्य विषयों पर जाँच, चर्चा और सिफारिश हेतु अंतर-राज्यीय परिषद गठित करने देता है। परिषद राजनीतिक मंच है, न्यायालय नहीं, और उसकी शक्ति की सीमा साफ कही जानी चाहिए।
Body
परिषद क्या कर सकती है
- सरकारिया आयोग ने स्थायी अंतर-राज्यीय परिषद की सिफारिश की, और 1990 में इसका गठन हुआ ताकि नीति घर्षण मुकदमे से पहले चर्चा हो।
- यह जीएसटी क्षतिपूर्ति, केंद्रीय प्रायोजित योजनाएँ और शेष संघ-राज्य खिन्नता प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मेज पर रख सकती है।
- राजनीतिक निपटान, जब राज्य किसी सिफारिशी सूत्र को स्वीकार करें, डिक्री के बिना भी वास्तविक समाधान है।
परिषद क्या नहीं कर सकती
- अनुच्छेद 262 नदी-जल विवाद उच्चतम न्यायालय के मूल मार्ग से बाहर रखता है और उन्हें अंतर-राज्य नदी जल विवाद अधिनियम के अधिकरणों को भेजता है; परिषद उस तंत्र का स्थान नहीं लेती।
- सिफारिशें उस तरह बाध्यकारी नहीं हैं जैसे अनुच्छेद 131 के अधीन संघ-राज्य कानूनी अधिकारों पर उच्चतम न्यायालय का निर्णय बाध्यकारी है।
- प्रारंभिक बैठकों के बाद वर्षों का अंतराल दिखाता है कि मंच उतना ही मजबूत है जितनी संघ की उसे बुलाने की इच्छा।
दावे की सीमा
- यह कहना सही है कि परिषद अनेक राजनीतिक और प्रशासनिक विवादों को नरम कर सकती है यदि वह बार-बार मिले और दोनों पक्ष सद्भाव से सौदा करें।
- यह कहना सही नहीं कि वह हर संघ-राज्य विवाद का प्रभावी समाधान कर सकती है, विशेषकर जिन्हें अधिकरण, वित्त आयोग या न्यायालय चाहिए।
Flow diagram
flowchart TD A263[अनुच्छेद 263 परिषद] --> P[राजनीतिक सिफारिश] P --> E[कुछ संघ-राज्य राहत] W[अनुच्छेद 262 अधिकरण] --> R[नदी विवाद] C[अनुच्छेद 131 न्यायालय] --> L[कानूनी संघ-राज्य वाद]
Conclusion
अंतर-राज्यीय परिषद बात और सिफारिश से संघ-राज्य संघर्ष का एक टुकड़ा सुलझा सकती है। प्रभावी समाधान का दावा केवल आंशिक सत्य है, क्योंकि जल, धन और न्याययोग्य अधिकार अभी अन्य संवैधानिक पटरियों पर चलते हैं।
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क्या जीएसटी परिषद और अंतर-राज्यीय परिषद एक हैं?
नहीं। जीएसटी परिषद अनुच्छेद 279A के अधीन अलग निकाय है। अंतर-राज्यीय परिषद सामान्य अनुच्छेद 263 मंच है।
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क्या परिषद जल-अधिकरण के अवार्ड को पलट सकती है?
नहीं। नदी विवादों का अपना वैधानिक मार्ग है। परिषद उनके इर्द-गिर्द राजनीति चर्चा कर सकती है; वह अपील न्यायालय नहीं बैठती।
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