Q3 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2025 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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“विधायिका अपने क्षेत्राधिकार में सर्वोच्च है, फिर भी वह संप्रभु नहीं है।” संवैधानिक संदर्भ में उदाहरण सहित इस कथन का परीक्षण कीजिए।

विषय: Indian Constitution. पाठ्यक्रम: Indian Constitution — historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2025 और Indian Constitution से।

Revision summary

अनुच्छेद 245 और 246 विधायिका को उसकी संवैधानिक सूची पर सर्वोच्च बनाते हैं। केशवानंद और मिनर्वा मिल्स असीमित संशोधन शक्ति से इनकार करते हैं। अनुच्छेद 13, 32 और 226 न्यायालयों को असंवैधानिक क़ानून शून्य करने देते हैं। एनजेएसी निर्णय मूल संरचना समीक्षा से गिरे संशोधन का उदाहरण है। भारत संवैधानिक सर्वोच्चता मानता है, ब्रिटिश संसदीय संप्रभुता नहीं।

Model answer

Introduction

भारत में विधायिका अपने आवंटित विषयों पर कानून बना सकती है, यही क्षेत्र में सर्वोच्चता है। ब्रिटिश अर्थ में संप्रभुता का अर्थ अबाधित संसद होता, और संविधान उस मॉडल को अस्वीकार करता है।

Body

क्षेत्र में सर्वोच्चता

  • अनुच्छेद 245 संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए, और राज्य विधायिका को राज्य के लिए, संविधान के अधीन कानून बनाने देता है।
  • अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ बाँटती हैं, इसलिए प्रत्येक विधायिका अपनी सूची पर सर्वोच्च है जब तक संविधान अन्यथा न कहे।
  • साधारण क़ानून कार्यपालिका को बाध्य करते हैं जब तक संशोधित या रद्द न हों, जो उस क्षेत्र में प्रशासन पर विधायी सर्वोच्चता है।

संप्रभु क्यों नहीं

  • केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य ने कहा कि संविधान संशोधन शक्ति भी मूल संरचना नष्ट नहीं कर सकती, इसलिए संसद कानूनी रूप से असीमित नहीं है।
  • मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ ने पुष्टि की कि सीमित संशोधन शक्ति स्वयं मूल संरचना का भाग है।
  • अनुच्छेद 13, 32 और 226 न्यायालयों को मौलिक अधिकार तोड़ने वाले कानून रद्द करने देते हैं, जैसा राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग मामले में हुआ।
  • संघीय सीमाएँ, राष्ट्रपति की अनुमति, और राज्य विषयों पर राज्य सभा यह भी दिखाती हैं कि कोई सदन संप्रभु क्राउन-इन-पार्लियामेंट नहीं है।

उदाहरण

  • राज्य संघ संपत्ति पर ऐसे कर नहीं लगा सकता मानो वह संप्रभु द्वीप हो; समवर्ती विषय पर संघ कानून, अनुच्छेद 254 के अधीन, विरोध में अभिभावी हो सकता है।
  • यूनाइटेड किंगडम की संसद संप्रभु कही जाती है; भारत की संसद लिखित संविधान की रचना है।

Flow diagram

flowchart TD
  C[संविधान] --> L[अपनी सूची पर विधायिका]
  C --> J[न्यायिक समीक्षा]
  C --> B[मूल संरचना]
  L --> S[क्षेत्र में सर्वोच्च]
  J --> N[संप्रभु नहीं]
  B --> N

Conclusion

विधायिका उन सूचियों और प्रक्रियाओं के भीतर सर्वोच्च है जो संविधान उसे देता है। वह संप्रभु नहीं है क्योंकि न्यायिक समीक्षा, मूल संरचना और संघीय वितरण किसी एक सदन के ऊपर बैठते हैं।

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