Revision summary
गरीबी और भूख असुरक्षित कमाई, असमान भूमि-सामाजिक पहुँच तथा कमजोर स्वास्थ्य-शिक्षा पर टिकती हैं। जलवायु और प्रदाय रिसाव झटके को दीर्घ भूख बनाते हैं। एनएफएसए 2013 और पीएमजीकेएवाई अनाज तल देते हैं; मनरेगा ग्रामीण मजदूरी देती है। एनआरएलएम, पीएमएवाई-जी, पीएम पोषण, पोषण अभियान और आईसीडीएस आजीविका, आवास और पोषण पर वार करते हैं। अनाज राशन स्वयं सूक्ष्म-पोषक भूख नहीं मिटाता।
Model answer
Introduction
भारत में गरीबी और भूख केवल कम आय नहीं; वे कमजोर काम, कमजोर खाद्य तंत्र और कमजोर सार्वजनिक प्रदाय भी हैं। कारण और योजनाएँ साथ पढ़नी चाहिए, क्योंकि जो योजना कारण छोड़ दे वह रिसेगी।
Body
मूल कारण
- अनियमित मजदूरी और छोटी जोतों से कम कमाई परिवार को कीमत या बीमारी के झटके पर बिना बचत छोड़ देती है।
- असमान भूमि, जाति, लिंग और क्षेत्र का अर्थ है कि वृद्धि एक ही थाली तक नहीं पहुँचती; भूख अक्सर वितरण विफलता है, राष्ट्रीय अनाज कमी नहीं।
- खराब स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा परिवारों को निम्न उत्पादकता में बाँधती है, इसलिए गरीबी पीढ़ी दर पीढ़ी दोहराती है।
- जलवायु झटके, विस्थापन और अंतिम-मील रिसाव खराब मौसम को दीर्घ कुपोषण बना देते हैं।
गरीबी और भूख हटाने की योजनाएँ
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और बाद की निःशुल्क अनाज खिड़कियाँ जैसे पीएमजीकेएवाई प्राथमिक परिवारों को कानूनी या प्रशासनिक अनाज तल देती हैं।
- मनरेगा, 2005 ग्रामीण मजदूरी देती है; दया-एनआरएलएम और पीएमएवाई-जी आजीविका तथा आवास गरीबी पर वार करते हैं।
- पीएम पोषण, पोषण अभियान, आईसीडीएस और अंत्योदय अन्न योजना बच्चों, माताओं और सबसे गरीब खाने वालों को लक्ष्य करती हैं, केवल बीपीएल सूची को नहीं।
सीमाएँ
- उपकर, लक्ष्य त्रुटि और पोषण गुणवत्ता (प्रोटीन, सूक्ष्म पोषक) अभी अनाज राशन के बाहर बैठते हैं, इसलिए भरे पीडीएस बैग के बाद भी भूख रह सकती है।
Flow diagram
flowchart TD C[कम काम असमान परिसंपत्ति झटके] --> P[गरीबी और भूख] P --> S[एनएफएसए मनरेगा पोषण पीएमएवाई] S --> O[अन्न मजदूरी पोषण आवास]
Conclusion
गरीबी और भूख के मूल कारण असुरक्षित काम, असमान परिसंपत्तियाँ और कमजोर मानव विकास हैं, एक गायब योजना नहीं। उन्मूलन कार्यक्रम तभी चलते हैं जब एनएफएसए-सदृश खाद्य तल, मजदूरी और पोषण मिशन उसी परिवार की खाई बंद करें।
Quick related
Students also ask
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Discuss the role of non-governmental organisations in the process of policy making.
Next question in the 2022 paper (Q3). View answer →
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क्या भारत में भूख केवल उत्पादन समस्या है?
नहीं। सामान्य वर्षों में अनाज पर्याप्त होता है। पहुँच, क्रय शक्ति और आहार गुणवत्ता आमतौर पर बाध्यकारी सीमाएँ हैं।
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क्या मनरेगा सीधे भोजन देती है?
यह मजदूरी देती है जिससे भोजन खरीदा जाता है। सीधा अनाज अभी पीडीएस, एनएफएसए और संबंधित खाद्य योजनाओं से आता है।
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2018 · Q18 · UPGS2 · 12 marks
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