Revision summary
स्वतंत्रता अधिनियम ने राजाओं को स्वतंत्र छोड़ा, जिससे खंडित भारत का खतरा था। पटेल और मेनन ने विलय पत्र, प्रिवी पर्स और छोटी रियासतों का विलय प्रयोग किया। जूनागढ़ पाकिस्तान विलय के बाद नाकाबंदी और जनमत संग्रह से पलटा। हैदराबाद 1948 में ऑपरेशन पोलो से लिया गया, बाद में सांप्रदायिक हिंसा हुई। कश्मीर आक्रमण के अधीन विलय हुआ; बाद के संयुक्त राष्ट्र और अनुच्छेद 370 केवल पटेल की फाइल नहीं थे। मानचित्र एक हुआ; समाज और कश्मीर राजनीति पूरी नहीं हुई।
Model answer
Introduction
15 अगस्त 1947 के बाद पाँच सौ से अधिक रियासतें ब्रिटिश भारतीय प्रांतों के साथ बैठी थीं। सरदार पटेल ने वी. पी. मेनन के साथ अधिकांश को भारत में विलय कराया, और आलोचनात्मक विश्लेषण को गति के साथ प्रयुक्त विधियों का वजन करना चाहिए।
Body
कार्य और विधि
- भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ने राजाओं को भारत या पाकिस्तान में विलय, या सिद्धांततः बाहर रहने की स्वतंत्रता दी, जिससे खंडित मानचित्र का खतरा था।
- पटेल के राज्य विभाग ने रक्षा, विदेश और संचार के लिए विलय पत्र को पहला कानूनी चरण बनाया।
- प्रिवी पर्स और आंतरिक स्वायत्तता का वचन वह राजनीतिक कीमत थी जिससे अधिकांश राज्यों में शांतिपूर्ण विलय मिला।
- मेनन के दौरे और हठी दरबारों पर पटेल का दबाव प्रशासनिक थे, केवल औपचारिक नहीं।
कठिन मामले
- जूनागढ़ के नवाब ने पाकिस्तान विलय किया जबकि जनसंख्या अधिकांशतः हिंदू थी; भारत ने नाकाबंदी और बाद में जनमत संग्रह प्रयोग किया, जिसे आलोचक सहमति के वेश में बल कह सकता है।
- हैदराबाद के निजाम ने विलंब किया; सितंबर 1948 का ऑपरेशन पोलो गतिरोध समाप्त करता है, और बाद की सांप्रदायिक हत्याएँ सैन्य सफलता पर दाग हैं।
- जम्मू-कश्मीर कबायली आक्रमण के बाद विलय हुआ; पटेल ने विलय का समर्थन किया, किंतु संयुक्त राष्ट्र मार्ग और अनुच्छेद 370 नेहरू का कूटनीतिक ढाँचा अधिक थे।
- पटेल ने सौराष्ट्र और मध्य भारत जैसे संघों में छोटी रियासतों का विलय भी धकेला ताकि प्रशासन चल सके।
आलोचनात्मक संतुलन
- एकीकरण ने रियासती भारत का बाल्कनीकरण रोका, यही पटेल की मुख्य उपलब्धि है।
- विधियाँ कानून, धन और सेना मिलाती हैं, इसलिए कथा केवल समझाइश नहीं है।
- भूमि सुधार, भाषायी राज्य और कश्मीर पटेल की मृत्यु के बाद भी रहे, इसलिए मानचित्र का एकीकरण समाज का एकीकरण नहीं था।
- न्यायपूर्ण विश्लेषण पटेल को मानचित्र का श्रेय देता है और हैदराबाद की हिंसा तथा कश्मीर की अधूरी राजनीति अभी नामित करता है।
Flow diagram
flowchart TD P[पटेल मेनन] --> I[विलय पत्र] I --> M[विलय संघ] P --> H[हैदराबाद पोलो] P --> J[जूनागढ़] P --> K[कश्मीर विलय]
Conclusion
पटेल ने विलय पत्र, विलय संघों और जहाँ चाहिए बल से लगभग सभी रियासतें एक कीं। आलोचनात्मक सीमा यह है कि जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर गति की कीमत दिखाते हैं, और सामाजिक एकीकरण बाद का कार्य था।
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क्या पटेल ने कश्मीर को हैदराबाद की तरह जोड़ा?
नहीं। कश्मीर के महाराजा आक्रमण के दौरान विलय हुए। हैदराबाद लंबे विलंब के बाद सैन्य अभियान से लिया गया।
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क्या एकीकरण केवल पटेल का कार्य था?
पटेल ने राज्य विभाग चलाया। माउंटबेटन, मेनन और बाद के मंत्रिमंडल भी लगे। कश्मीर कूटनीति नेहरू ने चलाई।
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