Revision summary
औद्योगिक क्रांति ने कोयला, भाप और कारखाने से ऊर्जा बढ़ाई। उसने केवल नई मशीनें नहीं, मजदूरी श्रमिक वर्ग और औद्योगिक बुर्जुआ बनाया। प्रवास, बाल श्रम और मिल नगरों ने परिवार और दैनिक जीवन बदला। यूनियन, कारखाना अधिनियम और चार्टिज्म उस परिवर्तन के सामाजिक उत्तर थे। जीवन स्तर असमान चला; क्रांति सामाजिक-आर्थिक थी, मात्र तकनीकी नहीं।
Model answer
Introduction
औद्योगिक क्रांति, अठारहवीं सदी के ब्रिटेन से, हाथ औजारों को शक्ति चालित मशीनों से बदलती है। कथन ठीक है: नए इंजन ने वर्ग, परिवार और नगर भी बदले, इसलिए टिप्पणी में प्रौद्योगिकी और सामाजिक जीवन एक प्रक्रिया होने चाहिए।
Body
तकनीकी परिवर्तन
- कोयला, भाप इंजन, और बाद में रेल तथा भाप पोत ने ऊर्जा को मांसपेशी, पवन और पानी-चक्की से आगे बढ़ाया।
- यंत्रीकृत कताई-बुनाई, परिष्कृत लोहा, और मशीनों पर एक छत वाले कारखाने ने उत्पादन का नया पैमाना बनाया।
- ये पुराने गाँव पर जोड़े गए उपकरण नहीं थे; उन्हें खान, नहर, बंदरगाह और घड़ीबद्ध पाली चाहिए थी।
सामाजिक-आर्थिक क्रांति
- कारखाना श्रमिक वर्ग और औद्योगिक बुर्जुआ ने केवल भूमि की पुरानी प्रधानता का स्थान लिया; मजदूरी श्रम नगरीय जीवन का सामान्य रूप बना।
- घेरेबंदी और ग्रामीण अल्प-रोजगार ने लोगों को मिल नगरों में धकेला, इसलिए औद्योगीकरण प्रवास और नगरीय क्रांति भी था।
- बाल श्रम, स्त्रियों का मिल कार्य, और घरेलू उत्पादन का टूटना परिवार बदलता है, जबकि नए गरीब कानून और बाद के कारखाना अधिनियम दिखाते हैं कि राज्य सामाजिक संकट का उत्तर दे रहा था।
- चार्टिज्म, ट्रेड यूनियन और समाजवादी विचार इसी वर्ग संरचना से बढ़े; वे उसी क्रांति के सामाजिक उत्पाद हैं जिसने म्यूल और लोकमोटिव पैदा किए।
लोग कैसे जिए
- समय अनुशासन, किराए के कमरे, धुआँ, मिलावटी भोजन और महामारी भीड़ मैनचेस्टर या औद्योगिक लैंकाशायर के नए दैनिक तथ्य थे।
- सस्ता सूती कपड़ा, गैस प्रकाश और बाद की रेल ने काम पर लगे लोगों का उपभोग भी बढ़ाया, इसलिए जीवन स्तर केवल नीचे नहीं, असमान चला।
- वही पैटर्न विलंब के साथ महाद्वीपीय यूरोप, संयुक्त राज्य, और कपास देने वाली तथा तैयार माल लेने वाली औपनिवेशिक अर्थव्यवस्थाओं तक गया।
Flow diagram
flowchart TD T[भाप कारखाना लोहा] --> W[मजदूरी वर्ग मिल नगर] T --> F[परिवार समय अनुशासन] W --> L[जीने का नया ढंग] F[F] --> L[L]
Conclusion
कथन सही है। भाप, लोहा और कारखाना तकनीकी तथ्य थे, किंतु उन्होंने वर्ग, परिवार, नगर और कार्य दिवस पुनर्गठित किए। इसलिए औद्योगिक क्रांति सामाजिक-आर्थिक क्रांति है जिसने जीने का ढंग बदला, आविष्कारों का मात्र इतिहास नहीं।
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Discuss the scientific aspects of Indian cultural heritage.
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क्या परिवर्तन केवल ब्रिटिश था?
आरंभ ब्रिटेन में हुआ। बेल्जियम, जर्मनी, संयुक्त राज्य और बाद में जापान ने स्थानीय समय के साथ वही तकनीकी-सामाजिक पैटर्न दोहराया।
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क्या जीवन स्तर केवल गिरा?
भीड़ और कारखाना घंटे कठोर थे, किंतु सस्ता कपड़ा और बाद में वास्तविक मजदूरी लाभ भी आए। सामाजिक क्रांति असमान थी, एकमात्र गिरावट नहीं।
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