Revision summary
परिपक्व हड़प्पा नगर समकोणीय सड़क योजना और मानक पकी ईंट प्रयोग करते थे। दुर्ग या ऊँचा चबूतरा और निम्न नगर नागरिक स्थान बाँटते थे। ढकी सड़क नालियाँ, घरेलू स्नान और कुएँ जल नियोजन का केंद्र हैं। महान स्नानागार, गोदाम, लोथल का बेसिन और धोलावीरा के जलाशय सार्वजनिक कार्य हैं। नियोजन स्थल के अनुसार बदलता है और नगरीय होने के लिए प्रासाद या विशाल मंदिर जरूरी नहीं।
Model answer
Introduction
तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के हड़प्पा नगर नियोजित बस्तियाँ थे, झोपड़ियों के संयोग-समूह नहीं। संक्षिप्त टिप्पणी में ग्रिड, जल प्रबंधन, तथा दुर्ग और निम्न नगर का अंतर आना चाहिए।
Body
अभिन्यास और सामग्री
- मोहनजोदड़ो, हड़प्पा, कालीबंगा, धोलावीरा, राखीगढ़ी और लोथल जैसे परिपक्व हड़प्पा नगर मोटे तौर पर समकोणीय सड़क योजना और घरों के खंड दिखाते हैं।
- कई स्थलों पर ऊँचा दुर्ग या एक्रोपोलिस और नीचे आवासीय नगर है, जो स्थान पर नागरिक नियंत्रण दिखाता है, केवल जैविक गाँव नहीं।
- लगभग 1:2:4 अनुपात की पकी ईंटें, तथा धोलावीरा पर मिट्टी की ईंट और पत्थर, सिंधु-सरस्वती पट्टी में दीवार, चबूतरा और नाली को दोहराए जाने योग्य बनाती हैं।
- घर अक्सर मुख्य सड़क पर नहीं, गलियों पर खुलते थे, और आँगन, कुआँ तथा स्नान चबूतरा रखते थे, जो घरेलू नियोजन है, केवल स्मारकीय नियोजन नहीं।
निकासी, जल और सार्वजनिक कार्य
- सड़कों के साथ ढकी नालियाँ, सोख गड्ढे और घर के निकास सबसे विशिष्ट नागरिक लक्षण हैं; वर्षा और घरेलू जल सड़क पर नहीं, बाहर जाना था।
- मोहनजोदड़ो का महान स्नानागार, बिटुमेन-युक्त ईंट के साथ, सार्वजनिक जल संरचना है; हड़प्पा के कोठार या गोदाम खंड और लोथल का गोदी-जैसा बेसिन उसी नियोजित ताने-बाने में भंडार और व्यापार दिखाते हैं।
- धोलावीरा के जलाशय और शैल-कृत जल मार्ग, तथा कालीबंगा का हल-जोता खेत और अग्नि-वेदी, दिखाते हैं कि नियोजन क्षेत्रीय था, मोहनजोदड़ो की एक प्रति नहीं।
- प्राकार, द्वार, और मिस्र या मेसोपोटामिया जैसे बड़े प्रासाद या मंदिर का अभाव आकाश-रेखा को राजा-केंद्रित कम, नागरिक अधिक बनाते हैं।
चित्र की सीमाएँ
- पुरातत्त्व अभी बहस करता है कि दुर्ग में पुरोहित, व्यापारी या सामूहिक अभिजात थे; नगर नियोजन व्यवस्था सिद्ध करता है, नामित संविधान नहीं।
- उत्तर हड़प्पा संकुचन और कुछ नदी मार्गों का सूखना दिखाता है कि नियोजित नगर अमर नहीं था, भले ईंट तकनीक बची रही।
Flow diagram
flowchart TD H[हड़प्पा नगर] --> G[ग्रिड सड़क मानक ईंट] H --> C[दुर्ग और निम्न नगर] H --> D[नाली कुआँ महान स्नानागार] H --> R[लोथल गोदी धोलावीरा जलाशय] G --> U[नागरिक नगरीय व्यवस्था] D[D] --> U[U]
Conclusion
हड़प्पा नगर नियोजन सड़कों का ग्रिड, मानक ईंट, घरेलू कुएँ और नागरिक नाली तंत्र है, प्रमुख स्थलों पर दुर्ग-निम्न नगर विभाजन के साथ। सार्वजनिक स्नानागार, गोदाम, लोथल का बेसिन और धोलावीरा के जलाशय चित्र पूरा करते हैं; योजना प्रासाद-मंदिर आकाश-रेखा के बिना नगरीय व्यवस्था है।
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क्या सभी हड़प्पा बस्तियाँ ग्रिड नगर थीं?
नहीं। परिपक्व नगरीय स्थल नियोजित हैं। छोटे गाँव और शिविर सरल थे। टिप्पणी नगरीय चरण पर है, हर झोपड़ी पर नहीं।
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क्या नगर नियोजन हड़प्पा साम्राज्य सिद्ध करता है?
यह बड़े क्षेत्र में साझा नागरिक मानक सिद्ध करता है। अकेले इससे एक सम्राट या एक राजधानी सिद्ध नहीं होती।
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