Revision summary
जैकोबिन पेरिस क्लब थे प्रांतीय शाखाओं के साथ, बाद में कन्वेंशन में माउंटेन। नेताओं में रोबेस्पियर, सेंट-जस्ट और कुछ समय डांतों थे। उन्होंने गणतंत्र, राजा की फाँसी और गिरोंदां के पतन का समर्थन किया। 1793–94 में उन्होंने लोक सुरक्षा समिति से युद्ध सरकार और आतंक चलाया। थर्मिडोर ने रोबेस्पियर समाप्त कर क्लब बंद किया।
Model answer
Introduction
जैकोबिन फ्रांसीसी क्रांति का सबसे संगठित उग्र क्लब थे, पेरिस के पूर्व जैकोबिन मठ में बैठक से नामित। उनकी भूमिका क्रांति को संवैधानिक राजतंत्र से गणतंत्र, युद्ध सरकार और, एक मौसम के लिए, आतंक तक धकेलने की थी।
Body
वे कौन थे
- संविधान के मित्रों की सोसायटी, बाद में जैकोबिन कही गई, प्रतिनिधियों के वाद-विवाद क्लब से शुरू हुई फिर प्रांतीय शाखाएँ खोलीं, जिससे उसे राष्ट्रीय मशीन मिली जिसकी बराबरी दूसरे गुट नहीं कर सके।
- 1792 के बाद पेरिस क्लब कन्वेंशन में माउंटेन से जुड़ा: रोबेस्पियर, सेंट-जस्ट, कूथों, और कुछ समय डांतों, मारा की हत्या तक सड़क सहयोगी के रूप में।
- वे पेरिस सेक्शनों के सैंस-कुलोत—कारीगर और मजदूरी कमाने वाले जो मूल्य नियंत्रण, सस्ती रोटी और ‘संदिग्धों’ की सजा चाहते थे—से समर्थन खींचते थे।
- वे आधुनिक राजनीतिक दल नहीं थे; वे क्लब प्लस नेटवर्क थे जिसने लोक सुरक्षा समिति पर कब्जा किया।
क्रांति में भूमिका
- जैकोबिन ने वरेन और ब्रंसविक खतरे के बाद राजा के विरुद्ध संगठन किया, और सितंबर 1792 में घोषित गणतंत्र तथा 1793 में लुई सोलहवें के मुकदमे और फाँसी का समर्थन किया।
- उन्होंने मई-जून 1793 में गिरोंदां को हराया, गणतंत्र का केंद्रीकरण किया, और लेवे अं मास तथा प्रथम गठबंधन के विरुद्ध युद्ध चलाया।
- संदिग्ध कानून और क्रांतिकारी न्यायाधिकरण (1793–94) आतंक के जैकोबिन औजार थे: उन्होंने आक्रमण और वांदे विद्रोह से गणतंत्र बचाया, और गिरोंदां, हेबेरिस्ट, डांतोनिस्ट तथा हजारों साधारण अभियुक्त भी मारे।
- कीमतों पर मैक्सिमम, कुछ क्षेत्रों में ईसाईकरण-विरोध, और सर्वोच्च सत्ता का पंथ सामाजिक-सांस्कृतिक उग्रता दिखाते हैं, केवल गिलोटिन नहीं।
- थर्मिडोर (जुलाई 1794) ने रोबेस्पियर गिराया; जैकोबिन क्लब बंद हुआ, जिससे उनका एकाधिकार समाप्त हुआ किंतु क्रांति स्वयं नहीं।
आलोचनात्मक समापन
- जैकोबिन केंद्रीकरण के बिना 1793 में गणतंत्र गिर सकता था; आतंक के बिना जैकोबिन शब्द क्रांतिकारी तानाशाही का पर्याय न बनता।
Flow diagram
flowchart TD J[जैकोबिन क्लब] --> R[गणतंत्र 1792] J --> T[आतंक लोक सुरक्षा] T --> H[थर्मिडोर 1794]
Conclusion
जैकोबिन उग्र क्लब और कन्वेंशन गुट थे जिन्होंने प्रथम गणतंत्र बनाया, गठबंधन से लड़ा, और आतंक चलाया। उनकी भूमिका 1793 की रक्षा और वह हिंसा दोनों है जिसका थर्मिडोर ने खंडन किया।
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क्या सभी जैकोबिन आतंक के समर्थक थे?
1793–94 में पेरिस क्लब ने समर्थन किया। पहले जैकोबिन में नरमपंथी थे, और डांतों बाद में आतंक ढीला करना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें फाँसी दी गई।
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क्या जैकोबिन ने फ्रांसीसी क्रांति शुरू की?
नहीं। 1789 एस्टेट्स-जनरल और राष्ट्रीय सभा से शुरू हुई। जैकोबिन 1792 के बाद निर्णायक बने।
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