Correct answer: (d) 3, 4, 1, 2
व्याख्या
- A
3, 4, 2, 1
3, 4, 2, 1। सविनय अवज्ञा की समाप्ति को पूना समझौते से पहले रखता है। 1931 में आंदोलन केवल स्थगित हुआ; 1934 में वापस लिया गया, पूना (1932) के बाद।
- B
4, 3, 1, 2
4, 3, 1, 2। द्वितीय गोल मेज से शुरू करता है। गाँधी-इरविन (मार्च 1931) पहले है।
- C
4, 3, 2, 1
4, 3, 2, 1। वही गलत शुरुआत द्वितीय गोल मेज से।
- D
3, 4, 1, 2
3, 4, 1, 2। गाँधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931) → द्वितीय गोल मेज (सितंबर-दिसंबर 1931) → पूना समझौता (24 सितंबर 1932) → सविनय अवज्ञा अंततः वापस (अप्रैल 1934)।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) 3, 4, 1, 2 है। समझौता, द्वितीय गोल मेज, पूना समझौता, फिर 1934 में सविनय अवज्ञा की समाप्ति — पूना से पहले 1931 वाली ‘समाप्ति’ नहीं। संक्षेप में जुड़े तथ्य: गाँधी-इरविन समझौता — 5 मार्च 1931; गोल मेज में भाग; नमक रियायत। द्वितीय गोल मेज — लंदन, सितंबर-दिसंबर 1931; गाँधी कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि। पूना समझौता — 24 सितंबर 1932; गाँधी-अम्बेडकर; आरक्षित सीटें, दलितों के लिए पृथक निर्वाचन नहीं। सविनय अवज्ञा वापसी — अप्रैल 1934; गाँधी-इरविन के बाद पहला चरण स्थगित रहा था।