Correct answer: (d) ज्यामितीय, अंकगणितीय
व्याख्या
- A
रैखिक, घातांकीय
विकल्प (a) दावा करता है कि जनसंख्या रैखिक रूप से और खाद्य आपूर्ति घातांकीय रूप से बढ़ती है। यह माल्थस के सिद्धांत की मूल अवधारणा को उलट देता है।
- B
घातांकीय, रैखिक
विकल्प (b) दावा करता है कि जनसंख्या घातांकीय रूप से और खाद्य आपूर्ति रैखिक रूप से बढ़ती है, लेकिन शब्दों के क्रम को मानक शैक्षणिक शब्दावली के अनुसार नहीं रखता।
- C
अंकगणितीय, ज्यामितीय
विकल्प (c) दावा करता है कि जनसंख्या अंकगणितीय प्रगति में और खाद्य आपूर्ति ज्यामितीय प्रगति में बढ़ती है, जो थॉमस माल्थस द्वारा प्रतिपादित वास्तविक क्रम को उल्टा करता है।
- D
ज्यामितीय, अंकगणितीय
विकल्प (d) सही ढंग से बताता है कि थॉमस माल्थस ने तर्क दिया था कि जनसंख्या ज्यामितीय प्रगति में बढ़ती है जबकि कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति अंकगणितीय प्रगति में बढ़ती है। यह सटीक सूत्रीकरण उनके 1798 के निबंध 'एन एसे ऑन द प्रिंसिपल ऑफ पापुलेशन' का आधार बनता है, जो मानव संख्या और निर्वाह के बीच अपरिहार्य असंतुलन को स्पष्ट करता है, जिससे यह विकल्प इस प्रश्न की आधिकारिक कुंजी बन जाता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) ज्यामितीय, अंकगणितीय है। थॉमस माल्थस ने 1798 में अपने प्रभावशाली निबंध 'एन एसे ऑन द प्रिंसिपल ऑफ पापुलेशन' को प्रकाशित किया, जिसने संसाधन की कमी के शास्त्रीय आर्थिक मॉडल की स्थापना की। उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि मानव जनसंख्या की वृद्धि ज्यामितीय दर से होती है। इसके विपरीत, उन्होंने तर्क दिया कि भूमि पर घटते रिटर्न के कारण खाद्य उत्पादन और कृषि उपज केवल धीमी अंकगणितीय दर से ही बढ़ सकती है। छात्र अक्सर दोनों प्रगतियों को आपस में मिला देते हैं, लेकिन उनके ढांचे में लोगों का ज्यामितीय विस्तार हमेशा भरण-पोषण की अंकगणितीय वृद्धि से आगे निकल जाता है।