Correct answer: (d) (A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, किन्तु (R) गलत है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
विकल्प (a) दावा करता है कि अभिकथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण सही स्पष्टीकरण है। हालाँकि, कारण तथ्यात्मक रूप से गलत है।
- B
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, किन्तु (R) सही है।
विकल्प (b) दावा करता है कि अभिकथन गलत है, किन्तु कारण सही है। यह दोनों कथनों की वास्तविक वैधता को उलट देता है।
- C
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
विकल्प (c) दावा करता है कि दोनों कथन सही हैं किन्तु कारण सही स्पष्टीकरण नहीं है। यह विफल रहता है क्योंकि कारण गलत है।
- D
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, किन्तु (R) गलत है।
विकल्प (d) सही ढंग से बताता है कि अभिकथन सही है क्योंकि नम्य विनिमय दर वास्तव में विदेशी मुद्रा की माँग और आपूर्ति की बाजार शक्तियों द्वारा निर्धारित होती है, जबकि कारण गलत है क्योंकि शुद्ध नम्य दरों के तहत विदेशी मुद्रा की माँग और आपूर्ति केंद्रीय बैंक द्वारा नहीं बल्कि बाजार सहभागियों द्वारा निर्धारित होती है, जो इसे सबसे लंबा और सही विकल्प बनाता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है क्योंकि अभिकथन सही है, किन्तु कारण गलत है। नम्य विनिमय दर प्रणाली के तहत, विनिमय दर विदेशी मुद्रा की माँग और आपूर्ति की बाजार शक्तियों द्वारा निर्धारित की जाती है। केंद्रीय बैंक शुद्ध नम्य व्यवस्था में विदेशी मुद्रा की माँग और आपूर्ति का निर्धारण नहीं करता है, क्योंकि वे बाजार एजेंटों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और सट्टेबाजी से संचालित होते हैं। इसलिए, प्रदान किया गया कारण तथ्यात्मक रूप से गलत है जबकि अभिकथन पूरी तरह से सही है।