Correct answer: (c) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(a) दावा करता है कि (A) और (R) दोनों सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है। यह विकल्प गलत है क्योंकि भारत-मॉरीशस कर संधि में संशोधन सीधे तौर पर एफडीआई प्रवाह को प्रभावित करता है। इसलिए यह सोचना कि इसका कोई संबंध नहीं है, गलत है।
- B
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, किन्तु (R) सही है।
(b) दावा करता है कि (A) गलत है, किन्तु (R) सही है। यह विकल्प गलत है क्योंकि 2023-24 के दौरान सिंगापुर वास्तव में भारत में एफडीआई का सबसे बड़ा स्रोत बना रहा। इस प्रकार अभिकथन को गलत मानना सरकारी आर्थिक आंकड़ों के विपरीत है।
- C
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(c) दावा करता है कि (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। सिंगापुर लगातार भारत के लिए एफडीआई के प्रमुख स्रोत के रूप में अपनी स्थिति बनाए हुए है, और भारत-मॉरीशस कर संधि में संशोधन सहित हालिया नीतिगत बदलावों ने अंतरराष्ट्रीय निवेश मार्गों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। यह विकल्प दोनों कथनों की तथ्यात्मक सटीकता और उनके कारण-प्रभाव संबंध की सही पहचान करता है।
- D
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, किन्तु (R) गलत है।
(d) दावा करता है कि (A) सही है, किन्तु (R) गलत है। यह गलत है क्योंकि कारण भी अंतरराष्ट्रीय कराधान समझौतों और एफडीआई पर उनके संरचनात्मक प्रभाव के संबंध में एक वैध तथ्यात्मक विकास है। अतः कारण को गलत मानना अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संधियों की अनदेखी करना है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है क्योंकि 2023-24 में सिंगापुर के शीर्ष एफडीआई स्रोत होने का अभिकथन और भारत-मॉरीशस कर संधि संशोधन का कारण दोनों तथ्यात्मक रूप से सही हैं। इसके अलावा, संधि परिवर्तन भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेश पैटर्न में बदलाव के लिए सटीक संदर्भ और कारण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं। छात्र अक्सर कर संधियों और एफडीआई के बीच सीधे संबंध को लेकर भ्रमित होते हैं, लेकिन आधिकारिक आर्थिक विश्लेषण इस संबंध को पुष्ट करते हैं। इसलिए, विकल्प (c) ही एकमात्र सही विकल्प है।