Correct answer: (c) (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
यह विकल्प दावा करता है कि (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। हालाँकि, बलबन के केंद्रीकरण का उद्देश्य आंतरिक विद्रोहों का दमन करना था, जबकि उत्तर-पश्चिम सीमा की मंगोल समस्या एक अलग सामरिक चुनौती थी।
- B
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, किन्तु (R) सही है।
यह विकल्प दावा करता है कि (A) गलत है, किन्तु (R) सही है। यह गलत है क्योंकि ऐतिहासिक साक्ष्य स्पष्ट रूप से साबित करते हैं कि गयासुद्दीन बलबन ने संपूर्ण सत्ता को अपने हाथों में केंद्रित कर लिया था।
- C
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
यह विकल्प दावा करता है कि (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है। बलबन ने अपनी निरंकुश सत्ता आंतरिक शांति और राजभय स्थापित करने के लिए केंद्रित की थी, जबकि मंगोलों से सुरक्षा की उसकी नीति एक अलग सीमाई आवश्यकता थी, इसलिए यह विकल्प सही है।
- D
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है, किन्तु (R) गलत है।
यह विकल्प दावा करता है कि (A) सही है, किन्तु (R) गलत है। यह गलत है क्योंकि बलबन के शासनकाल में मंगोल आक्रमणों का खतरा एक वास्तविक और निरंतर चुनौती था।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है क्योंकि बलबन के केंद्रीयकृत प्रशासन का अभिकथन और मंगोल खतरे से संबंधित कारण दोनों तथ्यात्मक रूप से सही कथन हैं। बलबन ने मुख्य रूप से राजशाही की प्रतिष्ठा बहाल करने और आंतरिक विद्रोहों को कुचलने के लिए लौह और रक्त की नीति अपनाई थी। यद्यपि उसने उत्तर-पश्चिम सीमा को किलेबंद किया और मंगोलों का सामना किया, लेकिन यह बाह्य रक्षा उसके आंतरिक निरंकुशता का मुख्य कारण नहीं थी। इसलिए दोनों कथन सत्य हैं परंतु कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है। परीक्षार्थी अक्सर आंतरिक निरंकुशता को सीमा सुरक्षा से सीधे जोड़ देते हैं।