Correct answer: (b) 1 और 2 दोनों
व्याख्या
- A
केवल 1
विकल्प (a) दावा करता है कि उत्तर प्रदेश के वन आँकड़ों और भौगोलिक विशेषताओं के संबंध में केवल कथन 1 सही है। यह गलत है क्योंकि आधिकारिक राज्य वन रिपोर्टों के अनुसार कथन 2 भी पूरी तरह सत्य है। इसलिए, उत्तर को केवल पहले कथन तक सीमित रखना दूसरे कथन की सटीकता की उपेक्षा करता है।
- B
1 और 2 दोनों
विकल्प (b) दावा करता है कि कथन 1 और कथन 2 दोनों सही हैं। कथन 1 भारतीय वन सर्वेक्षण के आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 12.8 प्रतिशत वन और वृक्षावरण को सटीक रूप से दर्शाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि उच्च कृषि भूमि उपयोग तीव्रता के कारण जौनपुर, गाज़ीपुर और बलिया जैसे जिलों में वस्तुतः कोई प्राकृतिक वन भूमि नहीं है। परिणाम स्वरूप, यह विकल्प आधिकारिक कुंजी है।
- C
केवल 2
विकल्प (c) दावा करता है कि केवल कथन 2 सही है और पहले कथन को गलत बताता है। यह अशुद्ध है क्योंकि कथन 1 में उल्लिखित वन और वृक्षावरण का प्रतिशत उत्तर प्रदेश के लिए नवीनतम भारत वन स्थिति रिपोर्ट के आँकड़ों से मेल खाता है। अतः, पहले कथन की अनदेखी करने से यह विकल्प अमान्य हो जाता है।
- D
न तो 1 और न ही 2
विकल्प (d) दावा करता है कि न तो कथन 1 और न ही कथन 2 सही है। यह पूरी तरह गलत है क्योंकि दोनों कथन उत्तर प्रदेश के पर्यावरणीय भूगोल और जिला-वार वन वितरण से संबंधित तथ्यात्मक रूप से सत्यापित तथ्यों को प्रस्तुत करते हैं। दोनों दावों को खारिज करना आधिकारिक वानिकी डेटा के विपरीत है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) 1 और 2 दोनों है। कथन 1 सही ढंग से उल्लेख करता है कि हाल के आधिकारिक मूल्यांकनों के अनुसार वन और वृक्षावरण उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 12.8 प्रतिशत बनाते हैं। कथन 2 सही पहचान करता है कि जौनपुर, गाज़ीपुर और बलिया जैसे घनी आबादी वाले मैदानी जिलों में उल्लेखनीय प्राकृतिक वन भूमि का अभाव है। अभ्यर्थियों को भारत वन स्थिति रिपोर्ट से राज्य-विशिष्ट पर्यावरणीय और भौगोलिक संकेतकों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। दोनों कथन तथ्यात्मक जाँच में सफल होते हैं, जिससे विकल्प (b) सही विकल्प बन जाता है।