Correct answer: (d) शांति घोष
व्याख्या
- A
मातंगिनी हाजरा
मातंगिनी हाजरा भारत छोड़ो आंदोलन से अपनी संबद्धता का दावा करती हैं। उन्होंने तामलुक में एक जुलूस का नेतृत्व किया और 1942 में अंग्रेजों द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई, जिससे यह विकल्प गलत हो जाता है।
- B
अरुणा आसफ़ अली
अरुणा आसफ़ अली भारत छोड़ो आंदोलन से अपनी संबद्धता का दावा करती हैं। उन्होंने 1942 में बंबई के गोवालिया टैंक मैदान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का झंडा फहराया था, जिससे यह विकल्प गलत हो जाता है।
- C
कनकलता बरुआ
कनकलता बरुआ भारत छोड़ो आंदोलन से अपनी संबद्धता का दावा करती हैं। उन्होंने 1942 में असम के गोहपुर थाने में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक बाल स्वयंसेवक दल का नेतृत्व किया, जिससे यह विकल्प गलत हो जाता है।
- D
शांति घोष
शांति घोष भारत छोड़ो आंदोलन से संबद्ध होने का दावा करती हैं, लेकिन वास्तव में वह बंगाल की एक क्रांतिकारी राष्ट्रवादी थीं, जिन्होंने सुनीति चौधरी के साथ मिलकर 1931 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान कोमिला के जिला मजिस्ट्रेट स्टीवंस की हत्या की थी, जिससे यह सही उत्तर बनता है क्योंकि वह 1942 के भारत छोड़ो संघर्ष के बजाय पहले के क्रांतिकारी आतंकवादी चरण से संबंधित थीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) शांति घोष है। जहाँ मातंगिनी हाजरा, अरुणा आसफ़ अली और कनकलता बरुआ ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया, वहीं शांति घोष 1931 की एक अन्य क्रांतिकारी उग्रवादी घटना से जुड़ी थीं। अभ्यर्थी अक्सर स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न चरणों की महिला सेनानियों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इसलिए उनके प्रमुख ऐतिहासिक कार्यों का कालानुक्रमिक मानचित्रण उनके आंदोलनों के सटीक संबंधों को स्पष्ट करता है। यह अंतर विकल्प (d) को सही विकल्प बनाता है।