Correct answer: (a) Toxoid
व्याख्या
- A
Toxoid
विकल्प (a) के अनुसार डिफ्थीरिया से बचाव के लिए टॉक्सॉइड वैक्सीन का उपयोग किया जाता है। यह आधिकारिक कुंजी है क्योंकि डिफ्थीरिया का टीका (जैसे डीटीपी) बैक्टीरिया के जीवित स्वरूप के बजाय उसके द्वारा छोड़े गए विषैले एक्सोटॉक्सिन को बेअसर करने के लिए निष्क्रिय टॉक्सॉइड का उपयोग करता है।
- B
Live-attenuated
विकल्प (b) डिफ्थीरिया के लिए जीवित-क्षीण वैक्सीन का दावा करता है जो गलत है क्योंकि इस जीवाणु जनित रोग में जीवित रोगजनकों के बजाय टॉक्सॉइड आधारित प्रतिरक्षा का प्रयोग होता है।
- C
मैसेंजर आर.एन.ए. (mRNA)
विकल्प (c) मैसेंजर आर.एन.ए. (mRNA) वैक्सीन का दावा करता है जो गलत है क्योंकि यह तकनीक डिफ्थीरिया के मानक और पारंपरिक टीकाकरण पद्धति के अंतर्गत नहीं आती है।
- D
Viral vector
विकल्प (d) वायरल वेक्टर वैक्सीन का दावा करता है जो गलत है क्योंकि डिफ्थीरिया के विरुद्ध जीवाणु के एक्सोटॉक्सिन को रोकने के लिए टॉक्सॉइड संरचना की आवश्यकता होती है न कि वायरल वेक्टर की।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। डिफ्थीरिया कोरिनीबैक्टीरियम डिफ्थीरिया नामक जीवाणु के कारण होने वाला एक गंभीर संक्रमण है जो मुख्य रूप से नाक और गले को प्रभावित करता है। चूँकि इसके गंभीर लक्षण बैक्टीरिया द्वारा स्रावित एक्सोटॉक्सिन के कारण होते हैं, इसलिए चिकित्सा विज्ञान प्रतिरक्षा उत्पन्न करने के लिए निष्क्रिय विष यानी टॉक्सॉइड का उपयोग करता है। विकल्प (b), (c) और (d) जीवित-क्षीण, mRNA और वायरल वेक्टर जैसी अन्य तकनीकों का सुझाव देते हैं जो इस रोग के लिए सही नहीं हैं। अतः केवल विकल्प (a) ही सही उत्तर है।