Correct answer: (d) राजस्व कर जमा करने वाला अधिकारी
व्याख्या
- A
समाचार पहुँचाने वाला दूत
विकल्प (a) का दावा है कि 'भागदुघ' एक दूत था। हालाँकि, वैदिक प्रशासन में दूतों को 'स्पश' या 'दूत' कहा जाता था, इसलिए यह विकल्प गलत है।
- B
Chief Officer of Forests
विकल्प (b) का दावा है कि 'भागदुघ' जंगलों का प्रधान अधिकारी था। वनों और वन्यजीव अभ्यारण्यों की देखरेख करने वाले अधिकारी को 'अरण्यानी' कहा जाता था, अतः यह गलत है।
- C
Chief Officer of the Gambling Department
विकल्प (c) का दावा है कि 'भागदुघ' जुआ विभाग का प्रधान अधिकारी था। जुए के खेल के समय उपस्थित रहने वाले अधिकारी को 'अक्षवाप' कहा जाता था, इसलिए यह विकल्प भी गलत है।
- D
राजस्व कर जमा करने वाला अधिकारी
विकल्प (d) का दावा है कि 'भागदुघ' राजस्व कर जमा करने वाला अधिकारी था। वैदिक काल में 'भागदुघ' वास्तव में वह अधिकारी था जिसे जनता से कर और राजस्व एकत्र करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया था, जिससे यह विकल्प सही हो जाता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) राजस्व कर जमा करने वाला अधिकारी है। वैदिक काल के दौरान प्रशासनिक तंत्र कई सिविल पदाधिकारियों पर निर्भर था जिन्हें 'रत्नी' कहा जाता था। उनमें से 'भागदुघ' के पास कर और राजस्व एकत्र करने की विशिष्ट जिम्मेदारी थी। जुए के लिए 'अक्षवाप' और सारथी के लिए 'सूत' जैसे अन्य प्रमुख अधिकारी भी नियुक्त होते थे। यूपीपीसीएस परीक्षा में प्रशासनिक इतिहास से जुड़े प्रश्नों को सही ढंग से हल करने के लिए इन विशिष्ट वैदिक शब्दों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।