Correct answer: (c) नागसेन
व्याख्या
- A
नागार्जुन
विकल्प (a) दावा करता है कि संवाद में बौद्ध भिक्षु नागार्जुन थे। हालाँकि, नागार्जुन एक बाद के महायान दार्शनिक और माध्यमक विद्यालय के संस्थापक थे, इस ग्रंथ के वार्ताकार नहीं।
- B
नागभट्ट
विकल्प (b) दावा करता है कि संवाद में नागभट्ट भिक्षु थे। नागभट्ट वास्तव में प्रारंभिक मध्यकालीन गुर्जर-प्रतिहार शासकों से जुड़े एक ऐतिहासिक नाम हैं, बौद्ध भिक्षु नहीं।
- C
नागसेन
विकल्प (c) दावा करता है कि नागसेन वह बौद्ध भिक्षु थे जिन्होंने राजा मिलिंद (मेनांडर) के साथ दार्शनिक संवाद किया था। मिलिंद पन्हो या मिलिंद के प्रश्न के रूप में जाना जाने वाला यह शास्त्रीय पाली ग्रंथ बौद्ध धर्म पर उनकी गहन चर्चाओं को दर्ज करता है, जिससे यह सही आधिकारिक कुंजी बन जाती है।
- D
कुमारिल भट्ट
विकल्प (d) दावा करता है कि कुमारिल भट्ट संवाद में भिक्षु थे। कुमारिल भट्ट हिंदू दर्शन की मीमांसा शाखा के एक प्रसिद्ध 8वीं शताब्दी के दार्शनिक थे, जिनका इस प्राचीन बौद्ध ग्रंथ से कोई संबंध नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) नागसेन है। 'मिलिंद पन्हो' ग्रंथ इंडो-ग्रीक राजा मिलिंद (मेनांडर) और ज्ञानी बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच गहन दार्शनिक संवाद को दर्शाता है। विकल्प (a), (b) और (d) गलत तरीके से इस ग्रंथ का श्रेय पूरी तरह से अलग ऐतिहासिक संदर्भों और दार्शनिक परंपराओं के व्यक्तियों को देते हैं। इसलिए, विकल्प (c) ही एकमात्र सही विकल्प है।