Correct answer: (d) IV, I, II, III
व्याख्या
- A
III, II, I, IV
विकल्प (a) में क्रम III, II, I, IV दिया गया है जो संविधान के प्रवर्तन की तिथि से शुरू होता है। यह अंतिम घटना को सबसे पहले रखकर संपूर्ण कालानुक्रम को उलट देता है।
- B
IV, I, III, II
विकल्प (b) में क्रम IV, I, III, II दिया गया है, जिसमें संविधान के प्रवर्तन को उसके अंगीकृत और अधिनियमित होने से पहले रखा गया है। यह उस तार्किक और ऐतिहासिक क्रम का उल्लंघन करता है जहाँ अंगीकरण प्रवर्तन से पहले होता है।
- C
I, II, IV, III
विकल्प (c) में क्रम I, II, IV, III दिया गया है, जिसकी शुरुआत प्रारूप समिति की नियुक्ति से होती है। हालाँकि, संविधान सभा की प्रथम बैठक प्रारूप समिति के गठन से पहले हुई थी, इसलिए यह क्रम गलत है।
- D
IV, I, II, III
आधिकारिक कुंजी (d) है क्योंकि ये घटनाएँ सही कालानुक्रम में हैं जिनकी शुरुआत 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक (IV) से होती है, उसके बाद 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति की नियुक्ति (I), 26 नवंबर 1949 को संविधान का अंगीकरण और अधिनियमन (II), और अंत में 26 जनवरी 1950 को संविधान के प्रवर्तन की तिथि (III) आती है। यह विकल्प सभा की स्थापना से लेकर गणतंत्र के संचालन तक की ऐतिहासिक प्रगति को सटीक रूप से दर्शाता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है क्योंकि यह भारत के संवैधानिक विकास के ऐतिहासिक मील के पत्थरों को सही क्रम में रखती है। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी, जिसने संस्थापक निकाय की स्थापना की। इसके बाद, 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति की नियुक्ति की गई। सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत और अधिनियमित किया, जो अंततः 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इस प्रकार, विकल्प (d) घटनाओं को IV, I, II, III के रूप में सही ढंग से व्यवस्थित करता है।