Correct answer: (d) अधिनियम, 1919
व्याख्या
- A
Charter Act of 1853
चार्टर एक्ट, 1853 चैम्बर ऑफ प्रिंसेज़ के गठन का दावा करता है। यह अधिनियम ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर को नवीनीकृत करने और सिविल सेवा के लिए खुली प्रतियोगिता शुरू करने से संबंधित था, न कि किसी राजसी सभा से।
- B
अधिनियम, 1793
अधिनियम, 1793 इस 120 सदस्यीय रियासती निकाय की स्थापना का दावा करता है। यह विनियमन मुख्य रूप से कॉर्नवॉलिस के सुधारों को समेकित करने के लिए था और इसमें आधुनिक राजसी सभा का कोई प्रावधान नहीं था।
- C
अधिनियम, 1909
अधिनियम, 1909 जिसे मोर्ले-मिंटो सुधार भी कहा जाता है, इस चैम्बर की शुरुआत का दावा करता है। यद्यपि इसने पृथक निर्वाचक मंडल की शुरुआत की, लेकिन यह अगली दहाई के राजसी विचार-विमर्श निकायों से पहले का है।
- D
अधिनियम, 1919
अधिनियम, 1919 जिसे आधिकारिक तौर पर भारत सरकार अधिनियम 1919 या मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार कहा जाता है, ने 120 सदस्यों के साथ एक सलाहकार निकाय के रूप में 'चैम्बर ऑफ प्रिंसेज़' (नरेन्द्र मंडल) के गठन का प्रावधान किया था, जिसका उद्घाटन 1921 में हुआ था। यह विकल्प प्रश्न में दिए गए सभी ऐतिहासिक विवरणों को पूरा करते हुए 'चैम्बर ऑफ प्रिंसेज़' की स्थापना के लिए अधिनियमित सटीक विधायी उपाय को सही ढंग से पहचानता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (x) है। यहाँ आधिकारिक कुंजी (d) है जो भारत सरकार अधिनियम 1919 से संबंधित है। रियासती राज्यों के शासकों के लिए एक औपचारिक मंच प्रदान करने हेतु मोंटेग्यू-मिंटो सुधारों के बाद चैम्बर ऑफ प्रिंसेज़ की स्थापना की गई थी। परीक्षार्थी अक्सर इन सुधारों को पहले के मोर्ले-मिंटो उपायों के साथ भ्रमित कर देते हैं, लेकिन नरेन्द्र मंडल वास्तव में 1919 के ढांचे के तहत अस्तित्व में आया था। अतः विकल्प (d) सही चयन है क्योंकि यह 120 सदस्यीय रियासती सभा की सांवधिक उत्पत्ति का सटीक हवाला देता है।