Q83 · UPPSC Prelims 2022 · Set B · General Studies

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जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड के विरोध् में किसने बि्रटिश सरकार की ‘नाइटहुड’ की उपाध्ि को लौटा दिया था?

A मु. अली जिन्ना
B रविन्द्रनाथ टैगोर
C रामेश्वर सिंह
D शंकरन नायर

Correct answer: (b) रविन्द्रनाथ टैगोर

व्याख्या

  1. A

    मु. अली जिन्ना

    मु. अली जिन्ना का दावा है कि इस मुस्लिम लीग नेता ने विरोधस्वरूप अपनी उपाधियाँ लौटाई थीं। हालाँकि, जिन्ना ने नाइटहुड लौटाने के बजाय इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफा दिया था।

  2. B

    रविन्द्रनाथ टैगोर

    रविन्द्रनाथ टैगोर का दावा है कि नोबेल पुरस्कार विजेता ने 1919 के क्रूर जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में अपनी ब्रिटिश नाइटहुड की उपाधि त्याग दी थी। यही आधिकारिक कुंजी है क्योंकि टैगोर ने इस नरसंहार पर अपना दुख व्यक्त करते हुए वाइसराय को एक ऐतिहासिक पत्र लिखा था।

  3. C

    रामेश्वर सिंह

    रामेश्वर सिंह का दावा है कि दरभंगा के महाराजा ने इस त्रासदी के बाद अपने ब्रिटिश सम्मान त्याग दिए थे। हालांकि वह एक प्रमुख हस्ती थे, लेकिन उन्होंने इस घटना से जुड़ी नाइटहुड की उपाधि नहीं लौटाई थी।

  4. D

    शंकरन नायर

    शंकरन नायर का दावा है कि इस प्रख्यात वकील ने विरोध में वाइसराय की कार्यकारी परिषद से इस्तीफा दे दिया था। यद्यपि उन्होंने पंजाब के अत्याचारों पर इस्तीफा दिया था, लेकिन उन्होंने नाइटहुड की उपाधि नहीं लौटाई थी।

Summary. आधिकारिक कुंजी (b) रविन्द्रनाथ टैगोर है जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में 1919 में अपनी नाइटहुड की उपाधि लौटा दी थी। इस त्रासदी ने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया, जिससे बुद्धिजीवियों ने ब्रिटिश सम्मानों से नाता तोड़ लिया। हालांकि शंकरन नायर जैसे अन्य नेताओं ने आधिकारिक परिषदों से इस्तीफा दिया, टैगोर ने विशेष रूप से अपनी नाइटहुड लौटाई थी। इसलिए विकल्प (b) सही है।