Correct answer: (b) सर्ववर्मन - गया ताम्र पत्र
व्याख्या
- A
ईशानवर्मन - हरहा पाषाण अभिलेख
विकल्प (a) दावा करता है कि ईशानवर्मन हरहा पाषाण अभिलेख से संबंधित है। यह युग्म सही सुमेलित है क्योंकि हरहा अभिलेख मौखरी शासक ईशानवर्मन और उसकी सैन्य सफलताओं का विवरण देता है। इसलिए, यह सही उत्तर नहीं है।
- B
सर्ववर्मन - गया ताम्र पत्र
विकल्प (b) दावा करता है कि सर्ववर्मन गया ताम्र पत्र से संबंधित है। यह युग्म वास्तव में सही सुमेलित नहीं है क्योंकि गया ताम्र पत्र सर्ववर्मन से नहीं जुड़ा है, जबकि सर्ववर्मन का संबंध असीरगढ़ मुहर से है। तथ्यात्मक अशुद्धता के कारण यही सही कुंजी है।
- C
जीवित गुप्त द्वितीय - देवबर्णार्क अभिलेख
विकल्प (c) दावा करता है कि जीवितगुप्त द्वितीय दैव वण्र्ाार्क अभिलेख से संबंधित है। यह युग्म सही सुमेलित है क्योंकि दैव वण्र्ाार्क अभिलेख उत्तर गुप्त शासक जीवितगुप्त द्वितीय का उल्लेख करता है। इसलिए, यह विकल्प गलत नहीं है।
- D
ईश्वरवर्मन - जौनपुर प्रस्तर अभिलेख
विकल्प (d) दावा करता है कि ईश्वरवर्मन जौनपुर प्रस्तर अभिलेख से संबंधित है। यह युग्म सही सुमेलित है क्योंकि जौनपुर प्रस्तर अभिलेख मौखरी राजा ईश्वरवर्मन के बारे में ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करता है। इसलिए, यह सही उत्तर नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है क्योंकि गया ताम्र पत्र मौखरी शासक सर्ववर्मन से संबंधित नहीं है, जिससे यह युग्म गलत सुमेलित होता है। अन्य तीनों युग्म अपने संबंधित शासकों और अभिलेखों को सही ढंग से जोड़ते हैं। प्रतियोगी अक्सर कालक्रम के अतिव्यापन के कारण मौखरी और उत्तर गुप्त वंश के अभिलेखों में भ्रमित हो जाते हैं। प्राचीन पुरालेख और शाही वंशवृक्ष का सावधानीपूर्वक अध्ययन परीक्षा में ऐसी अशुद्धियों को दूर करने में मदद करता है। इस प्रकार, विकल्प (b) गलत सुमेलित युग्म के रूप में सही उत्तर बनता है।