Correct answer: (b) नीलम संजीवा रेड्डी
व्याख्या
- A
डाॅ. शंकर दयाल शर्मा
विकल्प (a) दावा करता है कि डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्रपति बनने से पहले उप-राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। उन्होंने वास्तव में 1987 से 1992 तक भारत के नौवें उप-राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और फिर 1992 में राष्ट्रपति बने, जिससे यह विकल्प गलत हो जाता है।
- B
नीलम संजीवा रेड्डी
विकल्प (b) दावा करता है कि नीलम संजीवा रेड्डी ने राष्ट्रपति बनने से पूर्व उप-राष्ट्रपति के पद पर कार्य नहीं किया था। वे लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य करने के पश्चात 1977 में सीधे राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे, इसलिए यह सही उत्तर है।
- C
डाॅ. शाकिर हुसैन
विकल्प (c) दावा करता है कि डॉ. जाकिर हुसैन ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल से पहले उप-राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। उन्होंने 1962 से 1967 तक भारत के दूसरे उप-राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया और 1967 में राष्ट्रपति बने, अतः यह विकल्प गलत है।
- D
आर. वेंकटरमण
विकल्प (d) दावा करता है कि आर. वेंकटरमण ने राष्ट्रपति बनने से पहले उप-राष्ट्रपति के रूप में सेवा दी थी। उन्होंने 1984 से 1987 तक भारत के आठवें उप-राष्ट्रपति का पद संभाला था और 1987 में राष्ट्रपति बने, जिससे यह विकल्प अमान्य है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है क्योंकि नीलम संजीवा रेड्डी ने भारत के राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने के पूर्व उप-राष्ट्रपति के पद पर कार्य नहीं किया था। डॉ. जाकिर हुसैन, आर. वेंकटरमण और डॉ. शंकर दयाल शर्मा तीनों ही राष्ट्रपति बनने से पहले देश के उप-राष्ट्रपति रह चुके थे। नीलम संजीवा रेड्डी 1977 में संसदीय राजनीति और लोकसभा अध्यक्ष पद से सीधे राष्ट्रपति बने थे। परीक्षार्थी अक्सर अतिव्यापि समयरेखा के कारण विभिन्न राष्ट्रपतियों के करियर पथ को लेकर भ्रमित हो जाते हैं। इस प्रकार के नकारात्मक प्रश्नों से बचने के लिए संवैधानिक पदधारियों का तिथिवार अध्ययन आवश्यक है।