Correct answer: (a) शाहजहाँ
व्याख्या
- A
शाहजहाँ
शाहजहाँ। यह विकल्प दावा करता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ ने बनारस के प्रसिद्ध संस्कृत और हिंदी विद्वान कविंद्र आचार्य सरस्वती को संरक्षण प्रदान किया था, जिन्होंने बनारस और इलाहाबाद के हिंदुओं पर लगने वाले तीर्थ कर को माफ कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐतिहासिक साक्ष्य और साहित्यिक ग्रंथ इस बात की पुष्टि करते हैं कि शाहजहाँ ने विभिन्न परंपराओं के विद्वानों का सम्मान किया और कविंद्र आचार्य को राजकीय आश्रय दिया, जिससे यह सही और आधिकारिक कुंजी बन जाती है।
- B
जहाँगीर
जहाँगीर। यह विकल्प सुझाता है कि सम्राट जहाँगीर कविंद्र आचार्य सरस्वती के संरक्षक थे, लेकिन जहाँगीर का शासनकाल उस काल से पहले का है जब कविंद्र आचार्य ने सत्रहवीं शताब्दी के मध्य में अपनी विद्वत्ता और राजकीय सम्मान प्राप्त किए थे।
- C
Akbar
अकबर। यह विकल्प बताता है कि सम्राट अकबर ने इस विद्वान को संरक्षण दिया था, किंतु अकबर का काल सोलहवीं शताब्दी का है जबकि कविंद्र आचार्य सरस्वती की उल्लेखनीय गतिविधियाँ मुख्य रूप से बाद के शासकों के समय हुईं।
- D
हुमायँू
हुमायूँ। यह विकल्प कविंद्र आचार्य सरस्वती के संरक्षण का श्रेय सम्राट हुमायूँ को देता है, जो कालानुक्रमिक रूप से असंभव है क्योंकि हुमायूँ का शासन विद्वान के सक्रिय काल से काफी पहले था।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) शाहजहाँ है। यह प्रश्न पूछता है कि किस मुगल शासक ने बनारस के संस्कृत और हिंदी के महान विद्वान कविंद्र आचार्य सरस्वती को राजकीय संरक्षण प्रदान किया था। ऐतिहासिक साक्ष्य स्थापित करते हैं कि शाहजहाँ ने उन्हें सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की। परीक्षार्थी अक्सर सत्रहवीं शताब्दी के मुगल संरक्षण नेटवर्क को अकबर के शुरुआती धार्मिक समन्वय काल से भ्रमित कर देते हैं। शासनकाल की समयरेखा का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने से कालानुक्रमिक त्रुटियों से बचा जा सकता है।