Q120 · UPPSC Prelims 2022 · Set B · General Studies

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निम्नलिखित समाजशास्ित्रायों में से किसन ग्राम्यनगरीकारण’ (ररबेनाइजेशन) के विचार को विस्तार से बताया है?

A एम.एन. श्रीनिवास
B योगेन्द्र सिंह
C जी.एस. ध्ुर्ये
D H. Spencer

Correct answer: (c) जी.एस. ध्ुर्ये

व्याख्या

  1. A

    एम.एन. श्रीनिवास

    एम.एन. श्रीनिवास दावा करते हैं कि इस विचार पर चर्चा की गई थी, लेकिन उनके प्रमुख sociological कार्य संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण और प्रभावी जाति पर केंद्रित हैं। इसलिए, यह विकल्प इस विशिष्ट शब्द के प्रणेता के लिए सही विकल्प नहीं है।

  2. B

    योगेन्द्र सिंह

    योगेन्द्र सिंह भारतीय परंपरा के आधुनिकीकरण पर अपने व्यापक अध्ययन के माध्यम से इस अवधारणा का दावा करते हैं, फिर भी वह ऐसे समाजशास्त्री नहीं हैं जिन्होंने ररबेनाइजेशन के विशिष्ट ढांचे को विस्तार से बताया हो। इस प्रकार, यह विकल्प गलत है।

  3. C

    जी.एस. ध्ुर्ये

    जी.एस. ध्ुर्ये सही विकल्प है क्योंकि उन्होंने भारतीय समाजशास्त्र में 'ग्राम्यनगरीकारण' (ररबेनाइजेशन) की अवधारणा को विस्तार से बताया, जिसमें विश्लेषण किया गया कि कैसे कस्बों के बढ़ने और गांवों के रूपांतरण के माध्यम से ग्रामीण और शहरी तत्व आपस में मिलते हैं। इस सामाजिक-सांस्कृतिक घटना को अपने अकादमिक ग्रंथों में पूरी तरह से स्पष्ट करने वाले प्रणेता के रूप में, यह विकल्प आधिकारिक कुंजी है।

  4. D

    H. Spencer

    एच. स्पेंसर विकासवादी दृष्टिकोण का दावा करते हैं, लेकिन उनका समाजशास्त्रीय ढांचा सामाजिक डार्विनवाद और सामान्य सामाजिक विकास से संबंधित है, न कि विशिष्ट भारतीय ग्रामीण-शहरी निरंतरता से जिसे ररबेनाइजेशन कहा जाता है। अतः, यह विकल्प गलत है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है क्योंकि प्रसिद्ध भारतीय समाजशास्त्री जी.एस. ध्ुर्ये ने ग्राम्यनगरीकारण (ररबेनाइजेशन) की अवधारणा को विस्तार से बताया, जिसमें ग्रामीण और शहरी विशेषताओं के अंतर्संबंध का परीक्षण किया गया। एम.एन. श्रीनिवास और योगेन्द्र सिंह जैसे अन्य समाजशास्त्रियों ने आधुनिकीकरण और संस्कृतिकरण पर व्यापक कार्य किया लेकिन इस सटीक ढांचे को विस्तार नहीं दिया। छात्र अक्सर श्रीनिवास के ग्राम अध्ययनों को ध्ुर्ये के शहरी-ग्रामीण निरंतरता सिद्धांतों के साथ भ्रमित कर लेते हैं। भारतीय समाजशास्त्रीय साहित्य के सावधानीपूर्वक अध्ययन से ध्ुर्ये इस विशिष्ट शब्दावली के प्रणेता के रूप में स्पष्ट होते हैं। इस प्रकार, विकल्प (c) एकमात्र वैध उत्तर बना रहता है।