Correct answer: (a) दीर्घ तरंग स्थलीय विकिरण
व्याख्या
- A
दीर्घ तरंग स्थलीय विकिरण
विकल्प (a) यह दावा करता है कि पृथ्वी का वायुमण्डल मुख्यतः दीर्घ तरंग स्थलीय विकिरण द्वारा तप्त होता है। यह सही तंत्र है क्योंकि सौर विकिरण वायुमण्डल को लगभग बिना गर्म किए पार कर जाता है, और पृथ्वी की सतह लघु तरंगों को अवशोषित कर ऊष्मा को दीर्घ तरंगों के रूप में पुनर्विकर्षित करती है जो निचले वायुमण्डल को गर्म करती है।
- B
Scattered solar radiation
विकल्प (b) यह दावा करता है कि प्रकीर्ण सौर विकिरण प्राथमिक ताप स्रोत है। हालांकि प्रकीर्णन प्रकाश को फैलाता है, यह स्थलीय पुनर्विकिरण की तुलना में वायुमण्डलीय तापीय ऊर्जा का मुख्य चालक नहीं है।
- C
परावतर्ित सौर विकिरण
विकल्प (c) यह दावा करता है कि परावर्तित सौर विकिरण, या अल्बेडो, वायुमण्डल को गर्म करता है। यद्यपि कुछ सौर ऊर्जा परावर्तित होती है, यह घटक निचले वायु स्तरों के समग्र ताप में न्यूनतम योगदान देता है।
- D
लघु तरंग सौर विकिरण 28
विकल्प (d) यह दावा करता है कि लघु तरंग सौर विकिरण सीधे वायुमण्डल को गर्म करता है। आने वाला सौर विकिरण लघु तरंग प्रकार का होता है, लेकिन वायुमण्डल इसके प्रति अपेक्षाकृत पारदर्शी होता है, जिसका अर्थ है कि यह हवा को सीधे गर्म करने के बजाय पृथ्वी की सतह को गर्म करता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है क्योंकि पृथ्वी का वायुमण्डल सीधे आने वाली सौर किरणों के बजाय मुख्य रूप से दीर्घ तरंग स्थलीय विकिरण द्वारा तप्त होता है। आने वाला सौर विकिरण लघु तरंगों के रूप में प्रवेश करता है और इसे बिना अधिक गर्म किए वायुमण्डल को पार कर जाता है। सतह द्वारा अवशोषित होने के बाद, यह ऊर्जा रूपांतरित होती है और स्थलीय दीर्घ तरंगों के रूप में बाहर विकरित होती है। ये दीर्घ तरंगें निचले वायुमण्डल में ग्रीनहाउस गैसों और जल वाष्प द्वारा प्रभावी रूप से अवशोषित की जाती हैं। इस प्रकार, विकल्प (a) निचले वायुमण्डलीय तापन के प्राथमिक स्रोत की सही पहचान करता है।