Correct answer: (d) 4 3 2 1
व्याख्या
- A
2 4 1 3
रामानुज (4). रामानुज विशिष्टाद्वैत दर्शन से संबंधित हैं, जो मिलान अनुक्रम की शुरुआत करता है।
- B
3 1 4 2
माध्वाचार्य (3). माध्वाचार्य ने द्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया, जो सूची में दूसरे स्थान से मेल खाता है।
- C
1 2 3 4
निम्बार्क (2). निम्बार्क ने द्वैताद्वैत दर्शन को आगे बढ़ाया, जो अनुक्रम में तीसरे पद से जुड़ता है।
- D
4 3 2 1
वल्लभाचार्य (1). वल्लभाचार्य शुद्धाद्वैत के प्रणेता हैं, और विकल्प (d) रामानुज को विशिष्टाद्वैत (4), माध्वाचार्य को द्वैत (3), निम्बार्क को द्वैताद्वैत (2), तथा वल्लभाचार्य को शुद्धाद्वैत (1) से सही ढंग से सुमेलित करता है, जिससे सभी सूचीबद्ध मध्यकालीन भक्ति दार्शनिकों और उनके वेदांत दर्शन के स्कूलों के बीच पूर्ण और ऐतिहासिक रूप से सटीक मेल स्थापित होता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है जो मध्यकालीन दार्शनिक रामानुज को विशिष्टाद्वैत, माध्वाचार्य को द्वैत, निम्बार्क को द्वैताद्वैत और वल्लभाचार्य को शुद्धाद्वैत से मिलाती है। विकल्प (a) इन मूलभूत वेदांत दर्शनों के क्रम को गलत तरीके से मिलाता है। विकल्प (b) माध्वाचार्य को द्वैत से शुरू करता है लेकिन बाकी को गलत क्रम में रखता है। विकल्प (c) मिलान के इच्छित क्रम को पूरी तरह से उलट देता है। इसलिए, केवल विकल्प (d) सभी चार जोड़ों के लिए सटीक संरेखण प्रदान करता है।