Q1 · UPPSC Prelims 2022 · Set B · General Studies

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ज्योतिबा फुले निम्नलिखित में से किससे संबंधित थे?

A सविनय अवज्ञा आंदोलन
B श्रमिक संघ आंदोलन
C जाति-विरोधी आंदोलन
D कृषक आंदोलन

Correct answer: (c) जाति-विरोधी आंदोलन

व्याख्या

  1. A

    सविनय अवज्ञा आंदोलन

    (a) सविनय अवज्ञा आंदोलन। यह विकल्प दावा करता है कि ज्योतिबा फुले बीसवीं शताब्दी में गांधीजी द्वारा चलाए गए राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े थे। हालाँकि, फुले का निधन 1890 में ही हो गया था, जो सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू होने से बहुत पहले था।

  2. B

    श्रमिक संघ आंदोलन

    (b) श्रमिक संघ आंदोलन। यह विकल्प ज्योतिबा फुले को बंबई जैसे औद्योगिक केंद्रों के शुरुआती संगठित मजदूर संघर्षों से जोड़ता है। यद्यपि उन्होंने शोषित श्रमिक वर्ग के अधिकारों की पैरवी की, लेकिन उनका मुख्य ऐतिहासिक अभियान सामाजिक सुधार से जुड़ा था।

  3. C

    जाति-विरोधी आंदोलन

    (c) जाति-विरोधी आंदोलन। यह विकल्प बताता है कि ज्योतिबा फुले उन्नीसवीं सदी के महाराष्ट्र में जाति-विरोधी आंदोलन के अग्रदूत थे। उन्होंने 1873 में शूद्रों और अतिशूद्रों को मुक्त करने के लिए सत्यशोधक समाज की स्थापना की, ब्राह्मणवादी वर्चस्व के खिलाफ अथक संघर्ष किया और सामाजिक समानता की वकालत की, जिससे यह उनके जीवन के मिशन का सबसे सही और व्यापक विवरण बन जाता है।

  4. D

    कृषक आंदोलन

    (d) कृषक आंदोलन। यह विकल्प यह सुझाव देता है कि फुले की मुख्य संबद्धता किसान विद्रोहों या मजदूर संघों से थी। हालांकि उनकी महत्वपूर्ण पुस्तक 'शेतकर्याचा आसूड' ने महाराष्ट्र के किसानों के आर्थिक शोषण का गहराई से विश्लेषण किया, लेकिन उनकी सर्वोपरि पहचान व्यापक जाति-विरोधी सामाजिक क्रांति में निहित है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (c) जाति-विरोधी आंदोलन है। ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र में अस्पृश्यता को मिटाने और जातिगत उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने में समर्पित कर दिया। विकल्प (a), (b), और (d) उन्हें या तो बाद के युग के आंदोलनों या संकीर्ण आर्थिक फोकस वाले आंदोलनों से गलत तरीके से जोड़ते हैं। उनके द्वारा सत्यशोधक समाज की स्थापना ने जातिगत भेदभाव के खिलाफ एक प्रमुख समाज सुधारक के रूप में उनकी विरासत को मजबूत किया। इसलिए, केवल विकल्प (c) ही उनकी ऐतिहासिक संबद्धता के मूल सार को सटीक रूप से दर्शाता है।