Correct answer: (d) (A) तथा (R) दोनों सही हैं, तथा (R) (A) की सही व्याख्या है
व्याख्या
- A
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है, परन्तु (R) सही हैं
विकल्प (a) दावा करता है कि अभिकथन (A) असत्य है और कारण (R) सत्य है। यह दावा गलत है क्योंकि 73वें संविधान संशोधन के संबंध में दिए गए दोनों कथन तथ्यात्मक रूप से सही हैं।
- B
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है हैं, परन्तु (R) गलत हैं
विकल्प (b) यह दावा करता है कि अभिकथन (A) सत्य है और कारण (R) असत्य है। यह गलत है क्योंकि प्रदान किया गया संवैधानिक दर्जा ही वह मुख्य कारण है जिसके कारण इस संशोधन को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जाता है।
- C
(A) तथा (R) दोनों सही हैं, परन्तु (R) (A) की सही व्याख्या नहीं हैं
विकल्प (c) कहता है कि दोनों सही हैं परन्तु कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है। यह विकल्प गलत है क्योंकि पंचायतों को संवैधानिक दर्जा मिलना ही इस बात की सीधी व्याख्या है कि यह स्थानीय शासन का आधार स्तंभ क्यों है।
- D
(A) तथा (R) दोनों सही हैं, तथा (R) (A) की सही व्याख्या है
विकल्प (d) कहता है कि अभिकथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं, तथा कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम को भारत के स्थानीय शासन के इतिहास में एक आधार स्तम्भ माना जाता है क्योंकि इसने पंचायतों को अति अपेक्षित संवैधानिक दर्जा और सुरक्षा प्रदान की, जिससे जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हुआ।
Summary. आधिकारिक कुंजी (x) है के स्थान पर आधिकारिक कुंजी (d) है क्योंकि दोनों कथन पूरी तरह से सही हैं और आपस में तार्किक रूप से जुड़े हैं। वर्ष 1992 के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम ने ग्रामीण स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता प्रदान करके उन्हें बदल दिया। इस उन्नयन ने नियमित चुनाव, सीटों के आरक्षण और वित्तीय शक्तियों के हस्तांतरण को सुनिश्चित किया। इस संवैधानिक दर्जे के बिना, जमीनी स्तर के लोकतंत्र में यह गहरा संस्थागत बदलाव संभव नहीं हो पाता। इसलिए, कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।