Correct answer: (c) 2, 1, 4, 3
व्याख्या
- A
1, 3, 2, 4
(a) 1, 3, 2, 4. यह विकल्प रण्थम्बौर को गुजरात से पहले रखता है, जो स्थापित ऐतिहासिक कालक्रम के विरुद्ध है।
- B
3, 4, 1, 2
(b) 3, 4, 1, 2. यह क्रम वारंगल से शुरू होता है, जो दक्कन के अभियान को गुजरात और रण्थम्बौर जैसे प्रमुख उत्तर भारतीय अभियानों से पहले रखता है।
- C
2, 1, 4, 3
(c) 2, 1, 4, 3. गुजरात को सबसे पहले 1299 में जीता गया, उसके बाद 1301 में रण्थम्बौर, 1303 में चित्तौड़ और 1309-1310 में वारंगल का दक्कन अभियान हुआ। यह कालक्रम उत्तर और दक्षिण भारत में अलाउद्दीन खिलजी की विस्तारवादी नीति को सटीक रूप से दर्शाता है, जिसमें दिए गए विकल्पों में गुजरात को उसका पहला प्रमुख लक्ष्य और दक्षिणी अभियानों को अंत में सही ढंग से पहचाना गया है।
- D
4, 2, 3, 1
(d) 4, 2, 3, 1. यह व्यवस्था गलत तरीके से चित्तौड़ से शुरू होती है, और गुजरात तथा रण्थम्बौर के पहले के सफल आक्रमणों की उपेक्षा करती है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) 2, 1, 4, 3 है। अलाउद्दीन खिलजी ने पहले 1299 में गुजरात और 1301 में रण्थम्बौर को सुरक्षित करके अपने साम्राज्य का व्यवस्थित विस्तार किया। इसके बाद उसने 1303 में चित्तौड़ पर कब्जा किया और फिर 1309 में वारंगल जैसे दक्षिणी क्षेत्रों की ओर अपना सैन्य ध्यान केंद्रित किया। छात्र अक्सर रण्थम्बौर और चित्तौड़ की घेराबंदी के सटीक वर्षों को लेकर भ्रमित हो जाते हैं, जिससे अनुक्रमण में त्रुटियां होती हैं। केवल विकल्प (c) उत्तरी अभियानों से लेकर दक्षिणी अभियानों तक के सही कालक्रम को बनाए रखता है।