Correct answer: (b) वासुपूज्य - सम्मेदशिखर
व्याख्या
- A
ऋषभनाथ - अष्टापद
ऋषभनाथ (आदिनाथ), प्रथम तीर्थंकर, परंपरा से अष्टापद (कैलास) पर निर्वाण से जुड़े हैं। यह युग्म सही सुमेलित माना जाता है, इसलिए ‘सही सुमेलित नहीं’ की कुंजी नहीं है।
- B
वासुपूज्य - सम्मेदशिखर
वासुपूज्य, बारहवें तीर्थंकर, का निर्वाण चंपापुरी (चंपा नगर, भागलपुर क्षेत्र) में हुआ, सम्मेद शिखर पर नहीं। सम्मेद शिखर बीस तीर्थंकरों का निर्वाण स्थल है, वासुपूज्य का नहीं। यही गलत युग्म आधिकारिक कुंजी है।
- C
नेमिनाथ - ऊर्जयन्त
नेमिनाथ (अरिष्टनेमि) ऊर्जयन्त—गुजरात के गिरनार पर्वत—से जुड़े हैं। युग्म सही सुमेलित है।
- D
महावीर - पावापुरी
महावीर का निर्वाण वर्तमान बिहार के पावापुरी में हुआ। युग्म सही सुमेलित है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है, वासुपूज्य–सम्मेदशिखर गलत युग्म। चंपापुरी वासुपूज्य का निर्वाण स्थल है; सम्मेद शिखर (पारसनाथ पहाड़ी, झारखंड) बीस तीर्थंकरों का कल्याणक भूगोल है। ऋषभ–अष्टापद, नेमि–गिरनार और महावीर–पावापुरी टिके हैं। संग्रहीत अक्षर (b) मान्य है।