Correct answer: (c) अनुच्छेद 267
व्याख्या
- A
अनुच्छेद 265
अनुच्छेद 265 कहता है कि विधि के प्राधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया या संगृहीत किया जाएगा। यह कर-विधि नियम है, आकस्मिकता निधि नहीं। यह निकटवर्ती वित्त पाठ है, पूछी गई निधि नहीं।
- B
अनुच्छेद 266
अनुच्छेद 266 भारत और राज्यों की संचित निधि तथा लोक लेखा से संबंधित है। यह मुख्य सार्वजनिक कोष है, आकस्मिकता निधि नहीं। 266 को 267 से मिलाना आम अनुच्छेद चूक है।
- C
अनुच्छेद 267
(c) आधिकारिक कुंजी: अनुच्छेद 267 भारत की आकस्मिकता निधि (और अनुरूप राज्य निधियाँ) का प्रावधान करता है, जो अप्रत्याशित व्यय के लिए राष्ट्रपति (या राज्यपाल) के अधीन रहती है, बाद में विधायी प्राधिकार लंबित। आकस्मिकता निधि का संवैधानिक स्थान यही है। 265–268 में केवल 267 इस निधि का नाम लेता है।
- D
अनुच्छेद 268
अनुच्छेद 268 संघ द्वारा उद्गृहीत किंतु राज्यों द्वारा संगृहीत और विनियोजित शुल्कों (स्टांप शुल्क तथा मूल योजना में कुछ उत्पाद) से संबंधित है। यह वितरण अनुच्छेद है, आकस्मिकता निधि नहीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है। आकस्मिकता निधि अनुच्छेद 267 में है: अप्रत्याशित व्यय का अग्रिम कोष, जिसे बाद में विधायिका नियमित करती है। अनुच्छेद 265 विधि द्वारा कर है; 266 संचित निधि और लोक लेखा है; 268 कुछ संघीय शुल्क राज्यों द्वारा संग्रह है। अतः कुंजीकृत अनुच्छेद 267 है।