Q61 · UPPSC Prelims 2021 · Set D · General Studies

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भारत के वित्त आयोग का प्राथमिक कर्तव्य है

A संघ और राज्यों के मध्य कर राजस्व के वितरण हेतु सिफारिशें देना
B संघीय वार्षिक बजट तैयार करना
C राष्ट्रपति को वित्तीय मामलों पर परामर्श देना
D संघ एवं राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को निधियाँ आवंटित करना

Correct answer: (a) संघ और राज्यों के मध्य कर राजस्व के वितरण हेतु सिफारिशें देना

व्याख्या

  1. A

    संघ और राज्यों के मध्य कर राजस्व के वितरण हेतु सिफारिशें देना

    संघ और राज्यों के मध्य कर राजस्व के वितरण हेतु सिफारिशें देना भारत के वित्त आयोग का प्राथमिक संवैधानिक कर्तव्य है। अनुच्छेद 280 के अधीन आयोग करों की शुद्ध प्राप्तियों का संघ व राज्यों के बीच वितरण तथा राज्यों के बीच आबंटन सुझाता है। वह भारत की संचित निधि से सहायता-अनुदान के सिद्धांत भी सुझाता है। यही मूल अधिदेश है, अतः यही आधिकारिक कुंजी है।

  2. B

    संघीय वार्षिक बजट तैयार करना

    संघीय वार्षिक बजट तैयार करना वित्त मंत्रालय का कार्य है, जिसे संसद में वित्त मंत्री प्रस्तुत करते हैं। वित्त आयोग वार्षिक वित्तीय विवरण नहीं बनाता। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।

  3. C

    राष्ट्रपति को वित्तीय मामलों पर परामर्श देना

    राष्ट्रपति को वित्तीय मामलों पर परामर्श देना अत्यंत व्यापक है और परिभाषित प्राथमिक कर्तव्य नहीं है। आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है, परंतु वह सभी वित्तीय विषयों का स्थायी सलाहकार नहीं है। अतः यह विकल्प गलत है।

  4. D

    संघ एवं राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों/विभागों को निधियाँ आवंटित करना

    मंत्रालयों व विभागों को निधियाँ आवंटित करना कार्यपालिका का बजट कार्य है, वित्त आयोग की शक्ति नहीं। आयोग अंश व अनुदान सुझाता है; विभागीय आबंटन नहीं चलाता। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। अनुच्छेद 280 कर-बँटवारे और सहायता-अनुदान को आयोग के केंद्र में रखता है। संघ बजट वित्त मंत्रालय बनाता है, आयोग नहीं। आयोग राष्ट्रपति का सामान्य वित्तीय सलाहकार नहीं है और मंत्रालयवार निधि नहीं बाँटता। केवल (a) प्राथमिक कर्तव्य सही कहता है।