Q101 · UPPSC Prelims 2021 · Set D · General Studies

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फवाद' नामक पुस्तक शेख निजामुद्दीन औलिया की बातचीत का विरण है, इसका संकलन किया था।

A अमीर हसन सिजजी ने
B अमीर खुसरो ने
C जियाउद्दीन बरनी ने
D हसन निजामी ने

Correct answer: (a) अमीर हसन सिजजी ने

व्याख्या

  1. A

    अमीर हसन सिजजी ने

    (a) आधिकारिक कुंजी: फवाइद-उल-फवाद शेख निजामुद्दीन औलिया के मलफूजात (अभिलिखित बातचीत) हैं, जिनका संकलन उनके शिष्य अमीर हसन सिज्जी ने चौदहवीं शताब्दी के आरंभ में किया। यह प्रमुख चिश्ती स्रोत है, खुसरो, बरनी या हसन निजामी की कृति नहीं। यहाँ कुंजीकृत संकलक अमीर हसन सिज्जी हैं।

  2. B

    अमीर खुसरो ने

    अमीर खुसरो निजामुद्दीन के प्रसिद्ध शिष्य और महान कवि-संगीतज्ञ थे, पर उन्होंने फवाइद-उल-फवाद संकलित नहीं किया। मलफूजात को खुसरो से जोड़ना प्रसिद्धि को वास्तविक लेखक से मिला देता है। ग्रंथ सिज्जी का है।

  3. C

    जियाउद्दीन बरनी ने

    जियाउद्दीन बरनी ने तारीख-ए-फिरोजशाही और फतावा-ए-जहाँदारी लिखी, दरबारी इंडो-फारसी गद्य, यह सूफी बातचीत-पुस्तक नहीं। बरनी गलत विधा और गलत संकलक हैं।

  4. D

    हसन निजामी ने

    हसन निजामी ने प्रारंभिक दिल्ली सल्तनत पर ताज-उल-मासिर लिखी। वे निजामुद्दीन के प्रवचनों के संकलक नहीं हैं। निजामुद्दीन से नाम की समानता जाल है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। फवाइद-उल-फवाद शेख निजामुद्दीन औलिया की बातचीत का विवरण है, जिसे अमीर हसन सिज्जी ने लिखा। खुसरो प्रसिद्ध शिष्य-कवि हैं, बरनी इतिहासकार, हसन निजामी प्रारंभिक सल्तनत का चरितकार — इनमें से किसी ने यह मलफूज संकलित नहीं किया। कुंजीकृत संकलक अमीर हसन सिज्जी हैं।