Q41 · UPPSC Prelims 2021 · Set D · General Studies

← Q40 Q42 →

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक कोअभिकथन (A) :और दूसरे कोकारण (R) :कहा गया है।अभिकथन (A):पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न अवयव एक-दूसरे पर निर्भर नहीं हैं।कारण (R):मानव क्रियाओं का पर्यावरण पर प्रभाव पड़ता है।नीचे दिए गएकूट से सही उत्तर चुनिए।

A (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
B (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
C (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
D (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

Correct answer: (d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

व्याख्या

  1. A

    (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

    (a) दोनों सत्य और कारण अभिकथन की व्याख्या। अभिकथन असत्य है: पारितंत्र के अंग परस्पर निर्भर हैं, अतः दोनों-सत्य-और-व्याख्या वाला पाठ टिकता नहीं।

  2. B

    (A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

    (b) दोनों सत्य पर कारण व्याख्या नहीं। फिर दोनों सत्य नहीं हो सकते क्योंकि अभिकथन असत्य है।

  3. C

    (A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।

    (c) अभिकथन सत्य, कारण असत्य। यह तथ्यों को उलटता है: अभिकथन झूठा अंग है; कारण मानव प्रभाव का सत्य कथन है।

  4. D

    (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।

    (d) अभिकथन असत्य, कारण सत्य। उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक और अजैव कारक घनिष्ठ रूप से निर्भर हैं; कहना कि वे निर्भर नहीं, असत्य है। प्रदूषण, भूमि-उपयोग, अतिदोहन पर्यावरण बदलते हैं, अतः कारण सत्य है। सत्य कारण को झूठे अभिकथन की व्याख्या नहीं बनना होता। यही योग आधिकारिक कुंजी है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है। अभिकथन असत्य है, कारण सत्य है। पारितंत्र जैव और अजैव अंगों की निर्भरता का जाल है। अभिकथन उस निर्भरता से इनकार करता है अतः गिरता है। कारण मानवीय पर्यावरण प्रभाव सही कहता है। सत्य कारण झूठे अभिकथन को नहीं बचाता, और इस कूट पर वह अभिकथन की व्याख्या भी नहीं है।