Correct answer: (d) (A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
दोनों सत्य और (R) व्याख्या — यह नहीं चल सकता क्योंकि (A) असत्य है। राष्ट्रपति वित्त आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की योग्यताएँ निर्धारित नहीं करते। संसद विधि द्वारा वे योग्यताएँ तय कर सकती है। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- B
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
दोनों सत्य पर व्याख्या नहीं — फिर भी (A) को सत्य मानता है। योग्यताएँ राष्ट्रपति तय नहीं करते। अतः यह विकल्प गलत है।
- C
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
(A) सत्य, (R) असत्य तथ्यों को उलटता है। नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, योग्यता-निर्धारण नहीं। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- D
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है — यही आधिकारिक कुंजी है। अनुच्छेद 280(2) कहता है कि संसद विधि द्वारा सदस्यों की योग्यताएँ व चयन रीति निर्धारित कर सकती है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, अतः (R) सत्य है। (A) योग्यता तय करने की शक्ति राष्ट्रपति को गलत देता है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (d) है। वित्त आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति का कार्य है; योग्यताएँ अनुच्छेद 280(2) के अधीन संसद की शक्ति हैं। अभिकथन इन दो कार्यों को मिला देता है। कारण नियुक्ति सही कहता है। (A) को सत्य मानने वाले विकल्प गलत हैं। केवल (d) सही है।