व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। अभिकथन कहता है कि तीस्ता पहले गंगा तंत्र से जुड़ी थी, अब ब्रह्मपुत्र तंत्र की सहायक है। कारण कहता है कि नदी अपहरण हिमालयी नदियों की प्रमुख विशेषता है, जो तीव्र ढाल और शीर्षवर्ती अपरदन से होता है। गंगा-बद्ध मार्ग का ब्रह्मपुत्र-बद्ध शीर्ष द्वारा अपहरण तीस्ता की वर्तमान संरेखण की व्याख्या करता है। यही आधिकारिक कुंजी है।
- B
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
दोनों सत्य पर (R) व्याख्या नहीं — यह तब होता जब तीस्ता का परिवर्तन अपहरण से स्वतंत्र होता। यहाँ अपहरण ही कथित कारण है। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- C
(A) सत्य है, लेकिन (R) असत्य है।
(A) सत्य, (R) असत्य तब होता जब हिमालय में नदी अपहरण न होता। शीर्ष अपहरण हिमालयी अपवाह की मान्य प्रक्रिया है। अतः यह विकल्प गलत है।
- D
(A) असत्य है, लेकिन (R) सत्य है।
(A) असत्य, (R) सत्य तीस्ता के तंत्र-परिवर्तन को नकारता है। पत्र में अभिकथन सत्य माना गया है। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। तीस्ता आज ब्रह्मपुत्र तंत्र की प्रमुख सहायक है, पुराने गंगा संबंध के बाद। तीव्र ढाल, उत्थान और शीर्षवर्ती अपरदन के कारण नदी अपहरण हिमालय की विशेषता है। यही प्रक्रिया (A) की व्याख्या करती है। सत्य को तोड़ने वाले विकल्प गलत हैं।
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